1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 07, 2026, 11:50:03 AM
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Bihar Politics: जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। पश्चिम चंपारण के बेतिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को यदि कोई पार्टी चुनौती दे सकती है, तो वह केवल जनसुराज है।
पश्चिम चंपारण जिले के साठी प्रखंड स्थित कटहरी गांव में जनसुराज के नरकटियागंज विधानसभा प्रत्याशी डॉ. वसीउल्लाह के आवास पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की राजनीति बदल चुकी है और अब राज्य में "लालू राज" की वापसी संभव नहीं है।
उन्होंने मुस्लिम समुदाय से संवाद करते हुए कहा कि केवल इस आधार पर मतदान नहीं होना चाहिए कि कौन भाजपा को हराएगा। उन्होंने दावा किया कि जनसुराज ने पहले 34 मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन एक भी उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका।
प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल जातीय और सांप्रदायिक समीकरणों के सहारे राजनीति नहीं चल सकती। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच कोई स्वाभाविक टकराव नहीं है और विकास आधारित राजनीति ही बिहार का भविष्य तय करेगी।
प्रशांत किशोर ने दोहराया कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा को हराने की क्षमता सिर्फ जनसुराज में है। यह सीट वर्तमान में खाली है, क्योंकि भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यहां उपचुनाव होना है। बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। नितिन नवीन ने वर्ष 2006 के उपचुनाव से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और इसके बाद लगातार पांच बार इस सीट से जीत दर्ज की।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रशांत किशोर स्वयं बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिर भी जनसुराज की ओर से इस सीट पर पूरी ताकत लगाने के संकेत दिए जा चुके हैं।
लौरिया के ब्लॉक चौक पर आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि जनसुराज संगठन को गांव स्तर तक मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव में पार्टी अपने बैनर तले जिला परिषद सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंच पदों के लिए उम्मीदवार उतारेगी।
प्रशांत किशोर ने बिहार की शराबबंदी नीति को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि राज्य में अवैध शराब का कारोबार जारी है और इसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि बिहार में ईंधन की कीमतें पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक हैं और चुनावी परिस्थितियों के अनुसार इन कीमतों में बदलाव किया जाता है।
जनसुराज प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं का असर राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ा है और आज कई सरकारी कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।