1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jun 05, 2026, 1:13:52 PM
AI से सांकेतिक तस्वीर - फ़ोटो Google
पूर्व डीजीपी ने अय्यर कमीशन की तरह आयोग गठन की जरूरत बताई
बिहार के चर्चित व ईमानदार आईपीएस अधिकारी व पूर्व डीजीपी अभयानंद, जिनकी पुलिस में व्यापक सुधार करने वाले अफसर के रूप में पहचान है, वर्तमान हालत पर बेहद चिंतित हैं. वे 1960 के दशक में सरकार द्वारा गठित अय्यर कमीशन की चर्चा करते हैं. कहते हैं, ''साठ के दशक में बिहार सरकार में ऊंचे पदों पर भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए अय्यर कमीशन का गठन किया गया था. इसके सार्थक परिणाम आए। वर्तमान परिस्थितियां गुणात्मक रूप से उस समय से अधिक खराब है. सरकार को गंभीरता से विचार करनी चाहिए।''
जस्टिस अय्यर आयोग के गठन की क्या थी वजह ?
अब सवाल है कि 1960 के दशक में ऐसी कौन सी वजह थी, जिसके कारण रिटायर्ड जस्टिस टी. एल. वेंकटरमा अय्यर कमीशन गठित की गई थी ? अय्यर कमीशन (Aiyar Commission) 1970 में बनी थी. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के. बी. सहाय (K. B. Sahay) और अन्य कांग्रेसी पूर्व मंत्रियों के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए गठित एक प्रमुख जांच आयोग था। इसके अध्यक्ष जस्टिस टी. एल. वेंकटरमा अय्यर थे.
सोशलिस्ट सरकार ने बनाया था आयोग..पूर्व सीएम व मंत्रियों की भूमिका की हुई थी जांच