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उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के हक और अधिकार के लिए चलेगी आरक्षण संकल्प यात्रा: मुकेश सहनी

Mukesh Sahani: वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक अधिकारों को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने 25 जुलाई से बिहार और यूपी में “आरक्षण संकल्प यात्रा” निकालने की घोषणा की।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 23, 2026, 6:20:52 PM

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- फ़ोटो Reporter

Mukesh Sahani: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान आज भदोही में आयोजित प्रेस वार्ता में निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक अधिकारों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब जागरूक हो चुका है और अपने हक-अधिकार के लिए एकजुट होकर आंदोलन करेगा।

‎मुकेश सहनी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में रात्रि विश्राम कर समाज के लोगों, युवाओं, बुद्धिजीवियों एवं पदाधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और 44 डिग्री तापमान के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि निषाद समाज अपने अधिकारों के लिए अब पूरी तरह तैयार है।

‎उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 25 जुलाई से बिहार और उत्तर प्रदेश में “आरक्षण संकल्प यात्रा” निकाली जाएगी। इस यात्रा के दौरान माता-बहन, नौजवान, अभिभावक एवं समाज के लोग गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लेंगे कि 2027 से पहले निषाद समाज को आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भाजपा सरकार निषाद समाज को आरक्षण नहीं देती है, तो 2027 में समाज भाजपा को वोट नहीं देगा। 

‎बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि डॉ. संजय निषाद ने समाज को आरक्षण का सपना दिखाया था और समाज के संघर्ष के बल पर ही आज वह सत्ता में हैं। लेकिन डबल इंजन की सरकार में शामिल रहने के बावजूद निषाद समाज को आरक्षण नहीं दिला पाए। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि डॉ. संजय निषाद ने समाज के मुद्दों पर समझौता कर लिया है। 

‎उन्होंने कहा कि दिल्ली और बंगाल जैसे राज्यों में निषाद समाज की विभिन्न उपजातियों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, तो उत्तर प्रदेश में भी निषाद समाज को समान अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए अगले छह महीनों में संगठन को मजबूत कर प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। 

‎मुकेश सहनी ने डॉ. संजय निषाद को छह महीने का समय देते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में समाज के हितैषी हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निषाद समाज को आरक्षण देने के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो उन्हें मंत्री पद छोड़कर समाज की लड़ाई में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वह समाज की लड़ाई से दूर रहते हैं, तो निषाद समाज 2027 में अपना राजनीतिक निर्णय स्वयं करेगा। 

‎उन्होंने कहा कि वीआईपी पार्टी का स्पष्ट नारा है — “आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं, गठबंधन नहीं तो वोट नहीं।” इसी संकल्प के साथ पार्टी उत्तर प्रदेश में आंदोलन को मजबूत करेगी और समाज को संगठित कर उसकी आवाज दिल्ली और लखनऊ तक पहुंचाएगी। ‎प्रेस वार्ता के दौरान मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब किसी “लोडर” के साथ नहीं बल्कि अपने “लीडर” के साथ जाएगा और आने वाले समय में समाज अपने अधिकारों की लड़ाई और मजबूती से लड़ेगा।