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‘2027 से पहले निषाद को आरक्षण दें, नहीं तो..’, UP में मुकेश सहनी ने BJP को चेताया

Mukesh Sahani: वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में निषाद समाज को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण देने की मांग की।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 13, 2026, 5:34:30 PM

Mukesh Sahani

- फ़ोटो Reporter

Mukesh Sahani: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी सोमवार को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।

‎इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और निषाद समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर संगठन की मजबूती और आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि वीआईपी उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के हक और अधिकार की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए जल्द ही 101 दिवसीय निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा शुरू करेगी।

‎मुकेश सहनी ने कहा कि पिछले दस-बारह वर्षों से उत्तर प्रदेश का निषाद समाज अपने बच्चों के भविष्य और आरक्षण की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है। इस आंदोलन में अनेक लोगों ने लाठियां खाईं, जेल गए और कई साथियों ने अपने प्राणों की आहुति भी दी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस संघर्ष को और व्यापक बनाया जाए। 

‎उन्होंने कहा कि संकल्प यात्रा के दौरान निषाद समाज की माताओं, बहनों और युवाओं को गंगाजल हाथ में दिलाकर यह संकल्प कराया जाएगा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो समाज भाजपा को वोट नहीं देगा। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान में एक करोड़ से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

‎वीआईपी संस्थापक सहनी ने यूपी के मंत्री डॉ. संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता कभी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करते थे, वे आज सत्ता में जाकर समाज के मूल मुद्दों को भूल चुके हैं। उन्होंने कहा कि समाज ने उन्हें नेता बनाया, मंत्री बनाया, इसलिए उन्हें सत्ता के बजाय समाज के साथ खड़ा होकर आरक्षण की लड़ाई लड़नी चाहिए।

‎उन्होंने डॉ. संजय निषाद से दो नवंबर तक निषाद समाज के आरक्षण का मुद्दा निर्णायक रूप से उठाने की अपील करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें सत्ता छोड़कर समाज के बीच आना चाहिए। मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए कहा कि कई जिलों में उनके कार्यक्रमों को प्रशासनिक स्तर पर बाधित करने का प्रयास किया गया। 

‎उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर प्रशासन ने संवाद कार्यक्रम की अनुमति देकर लोकतांत्रिक परंपरा का सम्मान किया है, जिसके लिए वे जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

‎उन्होंने कहा कि वीआईपी सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर देश में जातीय जनगणना, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि निषाद समाज की एकजुटता आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगी।