1st Bihar Published by: HARERAM DAS Updated Jul 13, 2026, 3:30:01 PM
कन्हैया कुमार को मिली बेल - फ़ोटो Reporter
Bihar Politics: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार सोमवार को बेगूसराय व्यवहार न्यायालय पहुंचे, जहां वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज आचार संहिता उल्लंघन मामले में उन्होंने आत्मसमर्पण कर जमानत ली। सब जज प्रथम सह अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक चंद्र वर्मा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई, जहां 10 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर उन्हें जमानत दे दी गई।
जमानत मिलने के बाद कन्हैया कुमार ने कहा कि हम भारत के सामान्य नागरिक हैं। किसी भी नागरिक को कभी-कभी न्यायालय आना पड़ता है, मुझे भी आना पड़ा। यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव का है। किसी सरकारी भवन पर मेरे नाम का पोस्टर किसी ने चिपका दिया था, जिसके आधार पर पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कर दिया। यह आरोप पूरी तरह निराधार है, क्योंकि मैं स्वयं कहीं पोस्टर लगाने नहीं गया था। हमें न्यायपालिका पर भरोसा था और न्यायालय ने उचित निर्णय दिया है।
आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं पर ऐसे मामले अक्सर दर्ज किए जाते हैं, जबकि सत्ता में बैठे लोग रोज संविधान और नियमों का उल्लंघन करते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में ऐसे मुकदमे लगते रहते हैं, लेकिन उन्हें न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद थी और वह पूरी हुई।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर कन्हैया कुमार ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है और उन्हें उम्मीद है कि यह चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर की जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के जिस उम्मीदवार को जनता ने जिताया, वह क्षेत्र छोड़कर दिल्ली चले गए और स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।
कन्हैया कुमार ने कहा कि यह लड़ाई न्याय और अन्याय की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग लगातार अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तो भगवान को भी नहीं छोड़ा जा रहा है और मंदिर के चढ़ावे की चोरी जैसे गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बांकीपुर में न्याय और अन्याय के बीच मुकाबला होगा और उन्हें न्याय की जीत का भरोसा है।
राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर कन्हैया कुमार ने कहा कि चूंकि मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ है, इसलिए इस मामले की जांच भी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर और "महापाप" बताया।
बिहार में बढ़ते अपराध के सवाल पर कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "आज अपराधी ही सरकार चला रहे हैं। बिहार का दुर्भाग्य है कि सत्ता अपराधियों के हाथ में चली गई है। शायद ही कोई दिन गुजरता हो जब राज्य में अपराध की घटना सामने नहीं आती हो।"
कन्हैया कुमार के अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था। उस समय कन्हैया कुमार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के प्रत्याशी के रूप में बेगूसराय से चुनाव लड़ रहे थे।
उन्होंने बताया कि बछवारा थाना कांड संख्या-73/2019 में भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 171(H) तथा बिहार संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की धारा 3(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि बछवारा थाना क्षेत्र के रुदौली गांव स्थित एक सरकारी भवन पर कन्हैया कुमार का चुनावी पोस्टर चिपकाया गया था, जिसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी मामले में सोमवार को कन्हैया कुमार न्यायालय में उपस्थित होकर जमानत प्राप्त करने पहुंचे थे।