1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 30, 2026, 7:49:25 PM
सिद्धारमैया के बाद डीके शिवकुमार संभालेंगे सत्ता की कमान - फ़ोटो सोशल मीडिया
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। कांग्रेस ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगा दी है। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज शनिवार को बेंगलुरु स्थित विधान सौध में आयोजित की गई। जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हुए। इस बैठक में नए नेता के चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। बता दें कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। शुक्रवार को राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया था। जिसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई।
बैठक के दौरान सबसे पहले सभी विधायकों ने एक प्रस्ताव पारित कर नए नेता के चयन का अधिकार कांग्रेस नेतृत्व को सौंपा। यह प्रस्ताव सिद्धारमैया ने रखा और डॉ. जी. परमेश्वर ने उसका समर्थन किया। इसके बाद सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका डॉ. परमेश्वर ने समर्थन किया। सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से डीके शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया।
नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान सिद्धारमैया सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मुलाकात के बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया। बैठक में डीके शिवकुमार ने एक प्रस्ताव पेश कर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व और योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। कांग्रेस विधायक दल ने भी एक विशेष प्रस्ताव पारित कर सिद्धारमैया के कार्यकाल की सराहना की।
बैठक के दौरान कुछ समय के लिए सिद्धारमैया, के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला अलग कमरे में विचार-विमर्श के लिए गए थे। इसके बाद बैठक दोबारा शुरू हुई और डीके शिवकुमार के नाम पर अंतिम सहमति बन गई। ऐसे में अब डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। अब सभी की नजरें 3 जून को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई हैं।