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बिहार में MLC चुनाव से पहले ओवैसी की पार्टी ने एक सीट पर दावा ठोका, तेजस्वी को दिलाई वादे की याद

Bihar MLC Election: विधान परिषद चुनाव से पहले AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने महागठबंधन से एक सीट की मांग करते हुए तेजस्वी यादव को पुराना वादा याद दिलाया है। उन्होंने राबड़ी आवास विवाद, मदरसों की जांच और सम्राट के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 02, 2026, 12:55:28 PM

Bihar MLC election 2026

बिहार विधान परिषद चुनाव - फ़ोटो Google

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने एक सीट पर अपनी पार्टी का दावा ठोक दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उनकी पार्टी एक सीट चाहती थी, लेकिन उस समय तेजस्वी यादव ने आश्वासन दिया था कि आगे उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।


अख्तरुल इमान ने कहा कि अब जब एमएलसी चुनाव होने जा रहे हैं, तो तेजस्वी यादव को अपना वादा निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी कई चुनाव होने हैं और AIMIM के पास भले ही पर्याप्त संख्या नहीं हो, लेकिन महागठबंधन को उनके सहयोग की जरूरत पड़ती है। राज्यसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने पूरी ईमानदारी के साथ समर्थन दिया था, जबकि सहयोगी दलों के कुछ लोग पीछे हट गए थे। यदि भविष्य में भी दोनों दलों के रिश्ते मजबूत रखने हैं, तो वादा पूरा किया जाना चाहिए।


राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अख्तरुल इमान ने कहा कि कानून के तहत यदि किसी अन्य नेता को आवास आवंटित किया जा सकता है, तो उन्हें भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी के वर्तमान आवास में रहने से कोई कयामत नहीं आ जाएगी और उनके आवास खाली कर देने से भी कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा।


मदरसों की जांच को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी पत्र पर उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। जांच होनी चाहिए और सिर्फ मदरसों की ही नहीं, बल्कि स्कूलों और कॉलेजों की भी नियमित जांच होती रहनी चाहिए।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के '48 घंटे में न्याय' वाले बयान पर सवाल उठाते हुए अख्तरुल इमान ने कहा कि हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पीड़ितों को न्याय नहीं मिला है।


वहीं, हरे गमछे को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा पर उन्होंने कहा कि उन्हें हरे या लाल रंग से कोई मतलब नहीं है। उनकी प्राथमिकता बिहार का विकास, लोगों की तरक्की और राज्य को आगे बढ़ाना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल मीडिया की टीआरपी बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है।