1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 27, 2026, 3:20:06 PM
AAP मतलब अरबपति आदमियों की पार्टी-(माकन) - फ़ोटो सोशल मीडिया
DESK: कांग्रेस नेता ने राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात बागी सांसदों के भाजपा में शामिल होने को लेकर अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने आरोप लगाया कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी का इस्तेमाल अतीत में कांग्रेस के खिलाफ ‘प्रॉक्सी’ के रूप में किया है। इतना ही नहीं पैसों के बदले राज्यसभा सीटें बांटी। अजय माकन ने कहा कि इस पार्टी का नाम ‘अरबपति आदमी पार्टी’ हो जाना चाहिए।
दरअसल, बीते सप्ताह राघव चड्ढा सहित आप के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो गए। सोमवार को राज्यसभा के सभापति ने इन सांसदों के विलय को मंजूरी भी दे दी। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। अजय माकन ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों में कांग्रेस को कमजोर करने के लिए भाजपा की ‘बी-टीम’ के तौर पर काम किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब पार्टी का नाम ‘आम आदमी पार्टी’ से बदलकर ‘अरबपति आदमियों की पार्टी’ कर लेना चाहिए।
माकन ने यह भी दावा किया कि पार्टी ने पैसों के आधार पर राज्यसभा सीटें बांटी हैं। उन्होंने कहा कि प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और आशुतोष जैसे नेताओं को राज्यसभा नहीं भेजा गया, जबकि अन्य लोगों को आर्थिक आधार पर मौका दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सातों सांसदों की औसत घोषित संपत्ति 818 करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही आरोप लगाया कि शीला दीक्षित और मनमोहन सिंह को बदनाम करने की साजिश भी आम आदमी पार्टी ने रची थी।
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी के कई और नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आप पर ‘राष्ट्र-विरोधी’ होने और पंजाब में अलगाववादी तत्वों से फंडिंग लेने का भी आरोप लगाया। इस बीच, राज्यसभा के सभापति ने सातों सांसदों के भाजपा में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई है, जबकि भाजपा की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। भाजपा में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत, स्वाती मालीवाल और राजिंद्र गुप्ता शामिल हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने इस मामले को लेकर बागी सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने राज्यसभा सभापति के समक्ष याचिका दायर कर इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।