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सम्राट सरकार में ऑपरेशन विजय सिन्हा जारी: प्रधान सचिव सीके अनिल हटाए गए, ऐसी जगह भेजे गए जहां कोई काम ही नहीं

बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को हटा दिया गया है। उन्हें योजना पर्षद में भेजा गया है, जिसे ‘कोल्ड स्टोरेज’ पोस्टिंग माना जा रहा है। सियासी हलकों में ‘ऑपरेशन विजय...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 28, 2026, 5:02:14 PM

बिहार न्यूज

ऑपरेशन 'विजय सिन्हा' जारी - फ़ोटो रिपोर्टर

PATNA: बिहार में बनी सम्राट चौधरी की नई सरकार में ऑपरेशन विजय सिन्हा जारी है. पहले हड़ताली राजस्व कर्मचारियों पर गाज गिराने के विजय सिन्हा के आदेश को पलटा गया था. अब दूसरा बड़ा फैसला लिया गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कड़क प्रधान सचिव सीके अनिल को हटा दिया गया है. 


बिहार के सबसे भ्रष्ट विभाग माने जाने वाले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को दुरुस्त करने में लगे कड़क IAS अधिकारी सीके अनिल को ऐसी जगह भेजा गया है, जहां उनके पास करने के लिए कोई काम नहीं होगा. उन्हें योजना पर्षद का परामर्शी बनाया गया. बता दें कि योजना पार्षद बिहार सरकार का ऐसा महकमा है, जहां एक दशक से कोई काम ही नहीं हुआ. सीके अनिल उसी विभाग में समय बिताएंगे 


जय सिंह की प्रभार 

बिहार सरकार ने सीके अनिल को हटाते हुए IAS अधिकारी जय सिंह को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव का प्रभार दिया गए है. वे पहले से ही इस राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सचिव पद पर तैनात हैं. 


ऑपरेशन विजय सिन्हा जारी

सियासी गलियारे में हो रही चर्चा के मुताबिक सीके अनिल को कोल्ड स्टोरेज में भेजे जाने का फैसला बिहार की नई सरकार में चल रहे ऑपरेशन विजय सिन्हा का ही हिस्सा है. बता दें कि पिछली सरकार में तत्कालीन डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सुधारने की मुहिम चलाई थी. विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल उसमें बढ़ चढ़ कर साथ दे रहे थे. 


बिहार में नई सरकार आने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में विजय सिन्हा के फैसलों को पलटने का सिलसिला शुरू हो गया. महीनों से हड़ताल कर रहे बदनाम राजस्व कर्मचारियों को विजय सिन्हा ने डिप्टी सीएम रहते बड़े पैमाने पर सस्पेंड करने का निर्देश दिया था. इसके बाद पूरे राज्य में 200 से ज्यादा राजस्व कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया था. लेकिन बिहार में नई सरकार बनने के बाद विजय सिन्हा के आदेश को पलट दिया गया. 


सम्राट सरकार की भद्द पिट गई

सम्राट सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को सस्पेंड करने के आदेश को पलट दिया. हालांकि सरकार की भद्द तब पिट गई जब सस्पेंशन वापस लेने के आदेश के बावजूद हड़ताली कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटे. उलटे लोगों के बीच मैसेज ये गया कि सरकार भ्रष्ट राजस्व कर्मचारियों को संरक्षण देने में लग गई है. बिहार के आम लोग अभी भी राजस्व कर्मचारियों को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रतीक मानते हैं. 


सीके अनिल को सजा क्यों?

अब सवाल ये है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल पर गाज क्यों गिरी. मामला दिलचस्प है. दरअसल 2025 के विधान सभा चुनाव में बाद जब NDA की सरकार बनी तो विजय सिन्हा को सबसे बदनाम राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सौंप दिया गया. 


तत्कालीन सरकार में विजय कुमार सिन्हा का इलाज करने का दूसरा उपाय भी ढूंढा गया. सबसे अलग किस्म के IAS अधिकारी के माने जाने वाले IAS अधिकारी सीके अनिल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का प्रधान सचिव बना दिया गया. शायद मंशा ये थी कि विजय सिन्हा अपने प्रधान सचिव सीके अनिल से ही निपटने में लगे रहें और विभाग का काम बिगड़ता रहे. 


लेकिन तब सारा मामला ही उलट गया. विजय सिन्हा ने अपने प्रधान सचिव सीके अनिल के साथ मिलकर विभाग में ऑपरेशन क्लीन शुरू कर दिया. दोनों की जोड़ी ने ऐसा माहौल बनाया कि आम जनता के साथ साथ विपक्षी पार्टियों के नेता भी विजय कुमार सिन्हा के गुण गाने लगे. 


लेकिन अब हाल ये है कि पहले विजय कुमार सिन्हा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से विदा हुए. अब सीके अनिल को भी हटा दिया गया है. शायद सरकार ये मैसेज देना चाहती है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में वही होगा जो दशकों से चलता आ रहा है.