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कचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से दौड़ेंगी दिल्ली की बसें? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताई भविष्य की योजना

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भविष्य में दिल्ली की बसें नगर निगम के कचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से चल सकती हैं। उन्होंने 2027 तक देश को कचरा मुक्त बनाने, वैकल्पिक ईंधन और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की योजना भी साझा की।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 06, 2026, 10:41:12 PM

दिल्ली न्यूज

2027 का बड़ा प्लान - फ़ोटो AI-generated image

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भविष्य की स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा विजन पेश किया है। उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में दिल्ली की बसें नगर निगम के कचरे (म्युनिसिपल वेस्ट) से तैयार की गई हाइड्रोजन गैस से संचालित हो सकती हैं। उनका दावा है कि आधुनिक तकनीक के जरिए यह पूरी तरह संभव है।


दिल्ली भाजपा के एक युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि भविष्य में नगर निगम के कचरे से हाइड्रोजन तैयार की जाएगी और उसी ईंधन से दिल्ली की बसें चलेंगी। उन्होंने कहा, "लोग पूछते हैं कि यह कैसे संभव होगा? मेरा मानना है कि यह पूरी तरह मुमकिन है। पिछले 50 वर्षों में मेरी कई भविष्यवाणियां सही साबित हुई हैं।"


2027 तक देश को कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार वर्ष 2027 तक देश को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को आधुनिक तकनीक से जोड़कर कचरे का वैज्ञानिक उपयोग किया जाएगा। उनका कहना है कि कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर बायो-डाइजेस्टर जैसी तकनीक के माध्यम से हाइड्रोजन सहित अन्य स्वच्छ ईंधन तैयार किए जा सकते हैं।


एक्सप्रेसवे निर्माण में हो चुका है कचरे का उपयोग

गडकरी ने बताया कि दिल्ली में कई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण में लैंडफिल साइटों से निकाले गए लगभग 80 लाख टन कचरे का उपयोग किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इसी कचरे का उपयोग हाइड्रोजन उत्पादन के लिए भी किया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा के नए स्रोत विकसित होंगे।


कचरे से कमाई का भी मॉडल

केंद्रीय मंत्री ने कचरे से आय अर्जित करने के सफल मॉडल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र में नगर निगम शुद्ध किए गए गंदे पानी की बिक्री से हर वर्ष लगभग 325 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर रहा है। उनका मानना है कि यदि कचरे और अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाए तो यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है।


वैकल्पिक ईंधन पर सरकार का जोर

नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल, मेथेनॉल, बायोडीजल, हाइड्रोजन और अन्य वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा दे रही है। उनका कहना है कि इन स्वच्छ ईंधनों के व्यापक उपयोग से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।


इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में आगे बढ़ रहा भारत

उन्होंने कहा कि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में निर्मित इलेक्ट्रिक स्कूटरों का निर्यात भी किया जा रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास योजनाएं तैयार करनी होंगी। हाइड्रोजन और अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित तकनीकों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश हरित ऊर्जा की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।