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अब नहीं चलेगी लेटलतीफी! बिहार के सरकारी स्कूलों में 3 बार लेट पहुंचे गुरुजी तो कटेगी एक दिन की सैलरी

Bihar Teacher New Rule: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और समय पालन को लेकर नया नियम लागू किया गया है। अब ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन मिलेगा और तय नियमों का पालन नहीं करने पर वेतन कटौती भी हो सकती है। जानिए नई व्यवस्था क्या...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 07, 2026, 4:31:46 PM

अब नहीं चलेगी लेटलतीफी! बिहार के सरकारी स्कूलों में 3 बार लेट पहुंचे गुरुजी तो कटेगी एक दिन की सैलरी

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Bihar Teacher New Rule: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। सुपौल जिले से नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत अब शिक्षकों का वेतन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर बनाया जाएगा। यदि कोई शिक्षक तीन बार देर से स्कूल पहुंचता है या तय समय से पहले स्कूल छोड़कर चला जाता है, तो उसकी एक दिन की सैलरी काट ली जाएगी।


शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत सभी संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था को पूरी सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। विभाग का कहना है कि स्कूलों में समय पालन सुनिश्चित करने के लिए अब ऑनलाइन उपस्थिति ही सबसे महत्वपूर्ण आधार होगी।


नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों के स्कूल आने और जाने का समय ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। हर महीने वेतन भी इसी रिकॉर्ड के आधार पर तैयार होगा। यानी अब केवल सत्यापित ऑनलाइन उपस्थिति के अनुसार ही वेतन का भुगतान किया जाएगा।


यदि किसी दिन किसी शिक्षक की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं होती है, तो उसे अनुपस्थित माना जा सकता है। ऐसे मामलों में वेतन पर भी सीधा असर पड़ेगा। इसलिए शिक्षकों को अपनी ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।


शिक्षा विभाग ने फर्जी हाजिरी लगाने वालों के खिलाफ भी सख्त चेतावनी दी है। यदि कोई शिक्षक स्कूल आए बिना फोटो या किसी अन्य तरीके से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ कहा है कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को ऑनलाइन उपस्थिति की नियमित निगरानी करने और समय-समय पर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है। विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों में अनुशासन बढ़ेगा, शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचेंगे और छात्रों को नियमित एवं बेहतर पढ़ाई का लाभ मिलेगा।