Hindi News / bihar / vaishali-news / वैशाली समाहरणालय में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 2 हजार रुपये रिश्वत लेते अनुमंडल...

वैशाली समाहरणालय में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 2 हजार रुपये रिश्वत लेते अनुमंडल कार्यालय का लिपिक गिरफ्तार

Bihar News: वैशाली समाहरणालय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लिपिक को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है। पूरे मामले की जांच जारी है और अन्य पहलुओं..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 07, 2026, 6:10:41 PM

वैशाली समाहरणालय में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 2 हजार रुपये रिश्वत लेते अनुमंडल कार्यालय का लिपिक गिरफ्तार

- फ़ोटो

Bihar News: वैशाली जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समाहरणालय स्थित अनुमंडल कार्यालय के एक लिपिक को 2 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लिपिक की पहचान सुमन सौरभ के रूप में हुई है. कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. निगरानी की टीम आरोपी को अपने साथ पटना ले गई, जहां उसे विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.


जानकारी के अनुसार, लालगंज प्रखंड के लक्ष्मीनारायणपुर निवासी एक पीडीएस दुकानदार का लाइसेंस एसडीएम ने पहले निलंबित कर दिया था. बाद में डीएम कोर्ट से उसका लाइसेंस बहाल हो गया. आरोप है कि बहाल किए गए लाइसेंस से जुड़ी फाइल आगे बढ़ाने के लिए अनुमंडल कार्यालय में तैनात लिपिक सुमन सौरभ ने 2 हजार रुपये रिश्वत की मांग की.


पीडीएस दुकानदार किशन कुमार ने रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की. शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन किया. आरोप सही पाए जाने पर टीम ने जाल बिछाया और समाहरणालय स्थित अनुमंडल कार्यालय में ही लिपिक को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया.


कार्रवाई के दौरान निगरानी की टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जाएगी. इसके बाद उसे निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा.


यह कार्रवाई ऐसे कार्यालय में हुई है, जहां जिला पदाधिकारी समेत कई बड़े अधिकारी बैठते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या लिपिक अपने स्तर पर रिश्वत ले रहा था या कार्यालय में इस तरह का खेल लंबे समय से चल रहा था. हालांकि इन सवालों का जवाब जांच और पूछताछ के बाद ही सामने आएगा.