1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 02, 2026, 4:49:26 PM
स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ - फ़ोटो सोशल मीडिया
MADHYA PRADESH:मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां की सरकार ने स्वामित्व योजना को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य के 46.80 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। मोहन कैबिनेट ने आज बड़ा फैसला लेते हुए 46.80 लाख परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री की सौगात दी है। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी माफ कर दिया है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने स्वामित्व योजना को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य के 46.80 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुफ्त रजिस्ट्री के जरिए मिलेगा संपत्ति पर कानूनी अधिकार
मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत वर्षों से एक ही स्थान पर रह रहे लोगों को उनके मकान और जमीन का कानूनी स्वामित्व प्रदान किया जाएगा। इसके लिए संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री की जाएगी तथा स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी पूरी तरह माफ रहेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना से विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। राज्य में अब तक 46.80 लाख संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है। सरकार के इस निर्णय से राजस्व विभाग पर लगभग 3,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन जनहित को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
इसके साथ ही मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। वही पशुपालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'गौ रस' मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से पशुपालकों को मौसम के अनुसार पशुओं के आहार, स्वास्थ्य और देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
इसके तहत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को सिलवाकर यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। यूनिफॉर्म निर्माण के लिए गारमेंट उद्योगों को टेंडर दिए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख "मिल्क कैपिटल" बनाने की दिशा में भी चर्चा हुई। सरकार डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और पशुपालकों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।