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MAHA KUMBH 2025: अब कुंभ के मेले में नहीं बिछड़ेंगे भाई! मिनटों में 'जय' को ढूंढ लेगा 'वीरू'... जानिए कैसे?

MAHA KUMBH 2025: योगी सरकार की हाईटेक सिस्टम के कारण अब कुंभ के मेले में बिछड़े लोगों को ढूंढना आसान हो गया है। भीड़ में अपने परिवार से बिछड़े सैकड़ों लोगों को प्रशासन ने वापस मिला दिया है।

maha kumbh prayagraj
महाकुंभ को लेकर बड़ी व्यवस्था
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

MAHA KUMBH 2025: महाकुंभ मेले की शुरुआत से ही संगम तट पर हर रोज लाखों लोगों की भीड़ उमड़ रही है। पवित्र संगम में स्नान के लिए देश विदेश से लाखों श्रद्धालु है रोज पहुंच रहे हैं। प्रयागराज में महाकुंभ मेले के उद्घाटन के दिन पौष पूर्णिमा स्नान उत्सव मनाया गया और दूसरे दिन अमृत स्नान किया गया। इस दौरान करोड़ों श्रद्धालु संगम तट पर आए। महाकुंभ में भीड़ को प्रबंधित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने भीड़ नियंत्रण के लिए कई पहल की है।


बॉलीवुड फिल्मों की तरह अब जय से बिछड़ने वाला वीरू सालों बाद नहीं बल्कि चंद मिनटों में मिल जाएगा। महाकुंभ मेले में बिछड़े हुए लोग आसानी से मिल जायेंगे। क्योंकि सरकार ने हाईटेक व्यवस्था की है। क्यूआर कोड स्कैन करके फटाफट लोकेशन शेयर की जा सकती है। योगी सरकार ने नई टेक्नोलॉजी की मदद से खोया-पाया केंद्र बनाए हैं, जहां बच्चों, बुजुर्गों या किसी भी अपने के खो जाने पर उसे ढूंढ़ने की व्यवस्था की गई है। 


इनमें ‘भूला-भटका’ शिविर, पुलिस सहायता केंद्र और मेले के लिए विशेष रूप से निर्मित निगरानी टावरों पर कर्मियों की तैनाती शामिल है। इन शिविरों में खोई हुई महिलाओं और बच्चों के लिए समर्पित अनुभाग हैं। इसके साथ ही डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया सहायता से सुसज्जित ‘खोया-पाया’ (खोया और पाया) केंद्र भी हैं।


खोए हुए लोगों को अपनों से मिलाने के लिए प्रशासन ने घाटों के किनारे लाउडस्पीकर लगाये हैं। जिससे लगातार बिछड़े लोगों के नाम की घोषणा की जा रही है जिससे उनको मिलने में आसानी हो रही है। पुलिस और नागरिक सुरक्षाकर्मी मौके पर तीर्थयात्रियों की सहायता कर रहे हैं।

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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