LAKHISARAI: 2011 बैच के आईएएस (IAS) और लखीसराय के पूर्व जिलाधिकारी (DM) मिथिलेश मिश्र के कार्यकाल की जांच करने के लिए आर्थिक अपराध इकाई की 5 सदस्यीय टीम आज लखीसराय पहुंची। जांच के दौरान ईओयू ने सहकारिता विभाग से धान खरीद वितरण में हुई गड़बड़ियों की पुष्टि की। जांच से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार धान खरीद वर्ष 2025-26 में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर लखीसराय के जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। सहकारिता विभाग की प्रारंभिक जांच में गंभीर गड़बड़ियों की पुष्टि भी हुई थी। कल ही लखीसराय के डीएम रहे मिथिलेश मिश्र का तबादला कर दिया गया था। लखीसराय जिला पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग, पटना में योगदान देने के लिए निदेशित किया गया था।
वही लखीसराय के अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) नीरज कुमार के अगले आदेश तक लखीसराय डीएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी। सरकार के विशेष सचिव संजय कुमार ने बिहार के राज्यपाल के आदेश से चिट्ठी जारी की गई। मिथिलेश मिश्र के तबादले के बाद आज ईओयू की टीम इस मामले की जांच के लिए लखीसराय पहुंची और डेढ़ साल के कार्यकाल की जांच की।
इओयू की टीम सबसे पहले लखीसराय समाहरणालय में प्रभारी डीएम नीरज कुमार से मुलाकात की। उसके बाद विभागीय पदाधिकारियों से लंबी पूछताछ की और इस दौरान कई फाइलों को भी खंगाला। धान खरीद में बरती गई अनियमितता की जांच की गई। जांच के क्रम में ईओयू ने सहकारिता विभाग से भी धान खरीद वितरण में हुई गड़बड़ी की पुष्टि की।
अधिकारी किसी भी तरह की जानकारी देने में सतर्क दिखाई दिए। जांच से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।जिले में धान खरीद में अनियमितताओं को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच तेज हो गई है। जांच का फोकस विशेष रूप से धान खरीद के लक्ष्य वितरण में गड़बड़ी, सरकारी आयोजनों, महोत्सवों, ओपन जिम परियोजनाओं और कला-संस्कृति विभाग के खर्चों पर केंद्रित है।
सूत्रों के अनुसार, EOU टीम ने डीएम के ओएसडी सह जिला शस्त्र पदाधिकारी शशि कुमार से शस्त्र लाइसेंस वितरण और संबंधित फाइलों की जानकारी ली। इसके अलावा, जिला नजारत पदाधिकारी प्राची कुमारी से भी विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों की पूछताछ की गई। टीम ने कला-संस्कृति विभाग के पदाधिकारी मृणाल रंजन से पिछले डेढ़ वर्षों में हुए सभी भुगतान, टेबल बुक प्रकाशन और अन्य खर्चों का विवरण भी मांगा।
जांच के दौरान EOU ने सहकारिता विभाग से धान खरीद वितरण में हुई गड़बड़ियों के संकेत मिलने की बात कही। हालांकि, अधिकारी किसी भी जानकारी को साझा करने में सतर्क नजर आए। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र के तबादले के दूसरे ही दिन शुरू की गई है। यह जांच सरकार की ‘शून्य सहिष्णुता’ नीति के तहत की जा रही है।
अब EOU की जांच जिले के प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के वित्तीय लेन-देन तक विस्तारित की जाएगी। इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बता दें कि धान खरीद वितरण लक्ष्य में अनियमितता के मामले में जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र पर आरोप पत्र भी गठित किया गया है, जिसके चलते उनका तबादला कर दिया गया। लखीसराय के अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) नीरज कुमार के अगले आदेश तक लखीसराय डीएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।





