1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Apr 15, 2026, 5:39:44 PM
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PATNA: बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति हर हाल में लागू होगी. मुख्य़मंत्री ने अधिकारियों को साफ लहजे में बता दिया कि भ्रष्टाचार को रोकना होगा. हाल के दिनों में जिस तरह से भ्रष्टाचार के आरोपियों को Key Post पर पदस्थापित करने की प्रथा चल गई थी, उससे करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति बेमानी साबित होते दिखी. अब नए मुख्यमंत्री की हुंकार से भ्रष्टाचार के आरोपी, जिन्हें हाल में फील्ड में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है. उनकी शामत आ सकती है.
एक-एक अफसरों के भ्रष्टाचार की कहानी, हर किसी के जुबान पर
बिहार में हाल के दिनों में एक अधिकारी जिनके भ्रष्टाचार की कहानी पुरानी भी नहीं हुई, सबकी जुबान पर करप्शन की वो कहानी याद थी, उस आरोपी अफसर को सरकार ने फिर से फील्ड पोस्टिंग देकर पुरस्कृत कर दिया. यह सब कुछ हुआ नीतीश कुमार के कार्यकाल के अंतिम दौर में. जिस जांच एजेंसी ने जनवरी 2025 में बेउर जेल अधीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर जेल के दफ्तर से लेकर मोतिहारी व पटना के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी, उन्हें फऱवरी 2026 में दूबारा फील्ड में पोस्टिंग (बेगूसराय जेल अधीक्षक) दे दी. विभाग के इस आदेश से आर्थिक अपराध इकाई भी भौचक रह गया. जांच एजेंसी भी सकते में आ गई. एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की बात करती है, दूसरी तरफ बिना देर किए ही करप्शन केस के चहेते अधिकारियों को फील्ड में पोस्टिंग देकर उपकृत करती है. सिर्फ बेउर जेल के तत्कालीन अधीक्षक ही नहीं, कई ऐसे अधिकारी हैं, जिनके खिलाफ ईओयू, एसवीयू या निगरानी ब्यूरो ने हाल में डीए केस दर्ज किया है. कुछ दिनों के बाद सरकार नें फिर से उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे दी,जबकि न तो विभागीय कार्यवाही में क्लिनचिट मिली और न्यायालय से .
करप्शन से समझौता नहीं होगा- सम्राट
नई सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया कि करप्शन से समझौता नहीं होगा. भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी दृढ़ता से काम करने की बात कही। इस संबंध में उन्होंने कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मौजूद अधिकारियों से दुगुनी गति से काम कर समस्याओं का तेजी से समाधान करने को कहा। वही राज्य में भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी दृढ़ता से काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्तर से लेकर नीचे तक कहीं भी कार्यों को लटकाने की प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिये। जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो, यह हमलोगों की प्रवृत्ति होनी चाहिये। वही सीएम सम्राट ने आगे कहा कि प्रखण्ड, अंचल एवं थाना में आम जनता को सुविधा मिले और ससमय उनकी समस्या का समाधान हो। बिहार को विकसित एवं समृद्ध प्रदेश बनाने के लिये हमलोगों को एकजुट होकर अनुशासन एवं संवेदनशीलता के साथ काम करना है।
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पटना के बेउर आदर्श केंद्रीय कारा के तत्कालीन अधीक्षक विधु कुमार के खिलाफ 3 जनवरी 2025 को डीए केस सं- 1/25 दर्ज किया था. इसके बाद जेल अधीक्षक के पटना से लेकर मोतिहारी तक कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. तब यह मामला काफी चर्चा में रहा. कई दिनों तक यह खबर सुर्खियों बटोरी. सरकार की भद्द मिटने के बाद गृह विभाग ने 22 जनवरी 2025 को आरोपी जेल अधीक्षक विधु कुमार को सस्पेंड किया था. कुछ महीनों तक सस्पेंड रखने के बाद सरकार ने चुपके से भ्रष्टाचार के बड़े आरोपी विधु कुमार को निलंबन मुक्त किया और आरोपों को दरकिनार कर फील्ड में पोस्टिंग दे दी. उक्त आरोपी अधिकारी को बेगूसराय का जेल अधीक्षक बनाया गया है. गृह विभाग के 10 फऱवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार, करप्शन केस के बड़े आरोपी को बेगूसराय का जेल अधीक्षक के पद पर पोस्टिंग दी गई है. इस तरह से फील्ड में जगह देकर सरकार ने करप्शन के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का खुद ही माखौल उड़ा दिया.