1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 04, 2026, 6:26:11 AM
Rabari devi - फ़ोटो File photo
Rabri Devi Bungalow : बिहार की राजनीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय शुक्रवार को उस समय समाप्त हो गया, जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड के सरकारी आवास की चाबी भवन निर्माण विभाग को औपचारिक रूप से सौंप दी। करीब दो दशक तक लालू प्रसाद यादव परिवार का प्रमुख सरकारी आवास रहे इस बंगले को खाली करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग ने निरीक्षण किया और राबड़ी देवी को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया।
विभाग ने किया विस्तृत निरीक्षण
भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों ने आवास का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमरों, बिजली फिटिंग, पंखों, बल्बों, दरवाजों, खिड़कियों, पानी की व्यवस्था और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज अन्य सामान का मिलान किया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी सरकारी सामग्री सुरक्षित और सही स्थिति में मिली। किसी प्रकार की क्षति या कमी नहीं पाए जाने के बाद विभाग ने आवास का विधिवत कब्जा अपने पास ले लिया और राबड़ी देवी को एनओसी सौंप दी।
20 वर्षों तक राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा बंगला
पटना का 10 सर्कुलर रोड स्थित यह सरकारी आवास लंबे समय तक बिहार की राजनीति का अहम केंद्र बना रहा। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और उनके परिवार की कई महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों, रणनीतियों और पार्टी गतिविधियों का संचालन इसी आवास से होता रहा। राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी यह बंगला एक प्रमुख राजनीतिक ठिकाना माना जाता था।
अब इस सरकारी आवास के खाली होने के साथ एक लंबे राजनीतिक दौर का भी समापन माना जा रहा है।
नए सरकारी आवास में होंगी शिफ्ट
सरकारी आवास खाली करने के बाद राबड़ी देवी को पटना के 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी बंगला आवंटित किया गया है। हालांकि परिवार फिलहाल कौटिल्य नगर स्थित आवास में रह रहा है। नए सरकारी बंगले में आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद राबड़ी देवी और उनका परिवार वहां शिफ्ट होगा।
ट्रकों से किया गया सामान का स्थानांतरण
पिछले कुछ दिनों से 10 सर्कुलर रोड से सामान हटाने का काम लगातार चल रहा था। घर का फर्नीचर, घरेलू सामान और अन्य वस्तुओं को ट्रकों के जरिए नए स्थान पर पहुंचाया गया। इस दौरान लालू प्रसाद यादव भी आवास से बाहर निकलते दिखाई दिए थे। सामान शिफ्टिंग की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
सरकारी आवास खाली करने की प्रक्रिया के दौरान बिहार की राजनीति में बयानबाजी भी तेज रही। सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे सरकारी नियमों के पालन से जोड़कर देखा, जबकि राजद की ओर से इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया। हालांकि आवास खाली होने के बाद अब यह पूरा मामला प्रशासनिक रूप से समाप्त माना जा रहा है।
विभाग ने पूरी की औपचारिक प्रक्रिया
भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत निरीक्षण, सत्यापन और रिकॉर्ड मिलान के बाद आवास को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राबड़ी देवी को एनओसी जारी कर दी गई है। अब विभाग आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार इस सरकारी आवास का उपयोग तय करेगा।
करीब 20 वर्षों तक बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहे 10 सर्कुलर रोड के खाली होने के साथ राज्य की राजनीतिक स्मृतियों का एक बड़ा अध्याय भी इतिहास का हिस्सा बन गया है।