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बिहार में शिक्षकों पर सख्ती: अब क्लास लेने से पहले करना होगा यह काम, अनुशासन तोड़ा तो एक्शन तय

पटना में शिक्षा विभाग ने स्कूलों और कार्यालयों में अनुशासनहीनता पर सख्ती दिखाई है। शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पालन, कक्षा संचालन, होमवर्क जांच और अभिभावकों से संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 17, 2026, 11:30:22 AM

Bihar Teacher News

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI

Bihar Teacher News: पटना के स्कूलों और जिला शिक्षा कार्यालयों में शैक्षणिक माहौल खराब करने तथा अनुशासन का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा कार्यालय ने इस संबंध में सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पत्र जारी किया है।


जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्वशिक्षा अभियान) द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों को मिशन मोड में लागू कर रही है। इसके लिए बेहतर कार्य संस्कृति और आपसी समन्वय आवश्यक है।


पत्र में बताया गया है कि कार्य निष्पादन के दौरान कई स्तरों पर संवाद और समन्वय की कमी देखने को मिली है। कुछ मामलों में अमर्यादित व्यवहार, अनावश्यक टिप्पणियां और कार्यालय की गोपनीयता भंग करने की कोशिश भी सामने आई है।


निर्देश के अनुसार सभी शिक्षक, कर्मचारी और पदाधिकारी निर्धारित समय पर स्कूल एवं कार्यालय पहुंचेंगे। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए अनुशासन को अनिवार्य बताया गया है। जो शिक्षक या कर्मचारी नियमों का पालन नहीं करेंगे या शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों में संचालित होने वाली दैनिक कक्षाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से विभाग को देने का निर्देश दिया है। प्रधान शिक्षक को यह बताना होगा कि शिक्षक प्रतिदिन कितनी कक्षाएं ले रहे हैं।इसके अलावा, शिक्षकों को अगले दिन पढ़ाए जाने वाले विषय और पाठ्यक्रम की योजना एक दिन पहले तैयार करनी होगी तथा उसे डायरी में दर्ज करना होगा। उसी योजना के अनुसार अगले दिन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।


निर्देश में कहा गया है कि बच्चों का होमवर्क प्रतिदिन जांचना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र होमवर्क करके नहीं लाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित वर्ग शिक्षक की होगी। शिक्षक को बच्चे की स्थिति समझनी होगी और अभिभावकों से इसकी जानकारी लेनी होगी।


साथ ही, वर्ग शिक्षकों को अभिभावकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। शिक्षकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे घर पर नियमित पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं। अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे घर में बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराएं।