Hindi News / bihar / patna-news / पटना के गंगा तट पर बड़ा बदलाव... दीघा से सभ्यता द्वार तक बनेगा...

पटना के गंगा तट पर बड़ा बदलाव... दीघा से सभ्यता द्वार तक बनेगा नया पर्यटन कॉरिडोर, अतिक्रमण हटाकर शुरू हुई फेंसिंग

PATNA: पटना में गंगा किनारे एक बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है, जहां दीघा से लेकर कंगनघाट तक पूरा तटीय क्षेत्र नया रूप लेने जा रहा है। अवैध कब्जों को हटाने और फेंसिंग के बाद अब इस इलाके को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 17, 2026, 11:46:32 AM

पटना के गंगा तट पर बड़ा बदलाव... दीघा से सभ्यता द्वार तक बनेगा नया पर्यटन कॉरिडोर, अतिक्रमण हटाकर शुरू हुई फेंसिंग

- फ़ोटो

PATNA: राजधानी पटना में गंगा किनारे अब एक नया और खूबसूरत बदलाव देखने को मिलने वाला है। दीघा से सभ्यता द्वार होते हुए कंगनघाट तक पूरे तटीय इलाके को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। लंबे समय से अवैध कब्जों और बेतरतीब निर्माणों से घिरे इस क्षेत्र को खाली कराने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए फेंसिंग का काम भी शुरू कर दिया है। 

जिला प्रशासन और वन विभाग मिलकर इस पूरे अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। खाली कराई गई जमीन को सुरक्षित रखने के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं के अनुसार विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा किनारे बनने वाली सुविधाएं शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान भी उपलब्ध कराएंगी।


करीब सात किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को तैयार करने में लगभग 330 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत गंगा तट पर हरियाली बढ़ाई जाएगी और लोगों के घूमने-फिरने के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। यहां चौड़े पैदल मार्ग तैयार होंगे, जहां सुबह और शाम लोग आराम से सैर कर सकेंगे। बच्चों और युवाओं के लिए ओपन जिम, बॉटनिकल गार्डन और बटरफ्लाई पार्क जैसी सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी। परिवारों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोग प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें।


यह पूरा क्षेत्र जेपी गंगा पथ से जुड़ा रहेगा, जिससे आवाजाही आसान होगी। सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रेट घाट तक करीब 450 मीटर लंबा विचरण पथ भी बनाया जाएगा। छठ पर्व के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को इससे बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा गंगा रिसर्च सेंटर और संग्रहालय तक पहुंचने में भी सुविधा होगी।


इस योजना का सबसे खास हिस्सा बिहार गौरव उद्यान होगा। बांसघाट के पास लगभग 10 एकड़ जमीन पर बनने वाला यह पार्क वेस्ट टू वंडर थीम पर आधारित रहेगा। पुराने लोहे और अनुपयोगी वस्तुओं की मदद से बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को कलात्मक रूप दिया जाएगा। यहां महान गणितज्ञ आर्यभट्ट, नीति विशेषज्ञ चाणक्य, सम्राट अशोक, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पर्वत पुरुष दशरथ मांझी जैसी हस्तियों की झलक देखने को मिलेगी। साथ ही नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन शिक्षण केंद्रों के मॉडल भी आकर्षण बढ़ाएंगे।


दुजरा इलाके में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नए समाधि स्थल को विकसित करने की योजना भी बनाई गई है। देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समाधि स्थल के पास इसके लिए करीब 1.75 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। आसपास मौजूद अवैध कब्जों को हटाने का काम तेजी से जारी है।