1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 17, 2026, 11:31:13 AM
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Bihar Pension : बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभ पाने वाले 1.19 करोड़ पेंशनधारकों को अप्रैल महीने की पेंशन अब तक नहीं मिल सकी है। हर महीने नियमित रूप से मिलने वाली राशि के भुगतान में आई इस देरी से बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग के अनुसार भुगतान में यह बाधा केंद्र सरकार द्वारा नए वित्तीय वर्ष से लागू किए गए एसएनए-स्पर्श सॉफ्टवेयर के कारण उत्पन्न हुई है।
जानकारी के मुताबिक पहले सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की राशि केंद्र सरकार से एसएनए सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्राप्त होती थी और उसी प्लेटफॉर्म से लाभुकों के खातों में भुगतान किया जाता था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने नया आदेश जारी कर सभी सरकारी योजनाओं को एसएनए-स्पर्श सॉफ्टवेयर से जोड़ने का निर्देश दिया है। इस नई व्यवस्था में भारत सरकार, राज्य सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को एकीकृत डिजिटल वित्तीय प्रणाली से जोड़ा गया है, ताकि भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और केंद्रीकृत बनाई जा सके।
हालांकि नई तकनीकी व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का डाटा इंटीग्रेशन अभी पूरा नहीं हो पाया है। वित्त विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के बीच लाभुकों के आंकड़ों को नए पोर्टल पर अपडेट करने का कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार पेंशनधारकों के नाम, बैंक खाता और अन्य जानकारियों को एसएनए-स्पर्श प्रणाली में अपलोड किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में अभी कम से कम पांच दिन और लग सकते हैं। यही कारण है कि मई महीने में अब तक अप्रैल की पेंशन जारी नहीं हो सकी है।
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने इस बीच लाभुकों के जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। राज्यभर में पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां पेंशनधारकों का जीवन प्रमाणीकरण कराया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 95.26 लाख लाभुकों का सत्यापन पूरा हो चुका है।
इन शिविरों में पंचायतवार लाभुकों की सूची उपलब्ध कराई गई है, ताकि पेंशनधारकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। शिविरों में प्रखंड स्तर के अधिकारी, पंचायत कर्मी और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के कर्मचारी मौजूद रह रहे हैं। इससे पहले 22 दिसंबर 2025 से राज्य के सभी सीएससी केंद्रों पर नि:शुल्क जीवन प्रमाणीकरण की सुविधा शुरू की गई थी।
अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही डाटा इंटीग्रेशन की प्रक्रिया पूरी होगी, सभी लाभुकों के खाते में लंबित पेंशन राशि भेज दी जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी लाभुक की पेंशन रोकी नहीं जाएगी और तकनीकी कारणों से हुई देरी का समाधान जल्द किया जाएगा। फिलहाल राज्य के लाखों पेंशनधारक भुगतान शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।