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Bihar School News : "दाल में आखिर क्या था? खाना खाते ही 30 छात्राएं पहुंचीं अस्पताल, आवासीय स्कूल की घटना ने खड़े किए बड़े सवाल

मधेपुरा के आवासीय विद्यालय में भोजन के बाद 30 छात्राएं अचानक बीमार पड़ गईं। छात्राओं ने दाल में 'छिपकली' जैसी चीज दिखने का दावा किया है। सभी का इलाज कर छुट्टी दे दी गई है, जबकि मामले की जांच शुरू हो गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 15, 2026, 11:50:45 AM

Bihar School News  : "दाल में आखिर क्या था? खाना खाते ही 30 छात्राएं पहुंचीं अस्पताल, आवासीय स्कूल की घटना ने खड़े किए बड़े सवाल

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Bihar School News : बिहार के मधेपुरा जिले के मुरलीगंज स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में मंगलवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रात का भोजन करने के कुछ ही देर बाद करीब 30 छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। किसी को तेज पेट दर्द होने लगा, किसी को उल्टी और सिर दर्द की शिकायत हुई तो कई छात्राएं घबराहट महसूस करने लगीं। एक साथ इतनी बच्चियों के बीमार पड़ने से विद्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई और आनन-फानन में सभी को एंबुलेंस के जरिए मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया।


जानकारी के मुताबिक, बीमार हुई छात्राओं की उम्र 6 से 17 वर्ष के बीच है और वे पहली से 11वीं कक्षा तक की छात्राएं हैं। अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया। कुछ छात्राओं की हालत को देखते हुए उन्हें स्लाइन भी चढ़ाई गई। राहत की बात यह रही कि इलाज के बाद सभी की तबीयत सामान्य हो गई और किसी भी छात्रा की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई।


भोजन के बाद बिगड़ी तबीयत, दाल पर उठे सवाल

छात्राओं ने बताया कि मंगलवार रात छात्रावास में रोटी, कद्दू की सब्जी, दाल और खीर परोसी गई थी। कुछ छात्राओं का दावा है कि दाल में उन्हें छिपकली जैसी कोई चीज दिखाई दी थी। हालांकि उस समय सभी ने भोजन कर लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद कई छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत शुरू हो गई। इसके बाद विद्यालय प्रशासन ने बिना देर किए स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी और सभी बीमार छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया। देर रात तक अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम छात्राओं के इलाज में जुटी रही।


डॉक्टर बोले- फूड प्वाइजनिंग के लक्षण, अब सभी सुरक्षित

सीएचसी मुरलीगंज में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. निशिकांत ने बताया कि अस्पताल पहुंची सभी छात्राओं में फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे। प्राथमिक उपचार, दवाइयों और आवश्यक चिकित्सा के बाद सभी की स्थिति सामान्य हो गई। किसी भी छात्रा की हालत चिंताजनक नहीं रही, इसलिए सभी को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


500 से ज्यादा छात्राएं रहती हैं छात्रावास में

डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है। यहां छात्रावास की भी सुविधा उपलब्ध है, जहां मधेपुरा सहित आसपास के जिलों की 500 से अधिक छात्राएं रहकर शिक्षा ग्रहण करती हैं। हैरानी की बात यह है कि मंगलवार रात एक साथ भोजन करने के बावजूद केवल 30 छात्राएं ही बीमार हुईं, जबकि बाकी छात्राओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।


जांच के आदेश, भोजन व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बबीता कुमारी ने बताया कि छात्राओं के बीमार होने की सूचना मिलते ही तत्काल इलाज की व्यवस्था कराई गई। उन्होंने कहा कि विद्यालय में भोजन की व्यवस्था जीविका समूह के माध्यम से कराई जाती है। प्रथम दृष्टया फूड प्वाइजनिंग की आशंका लग रही है, इसलिए पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।


वहीं, प्रखंड परियोजना पदाधिकारी जीविका, रिशु अर्नेस्ट मशी ने भी बताया कि सूचना मिलते ही वे स्वयं विद्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


फिलहाल सभी छात्राएं सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने छात्रावासों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में छात्राएं एक साथ क्यों बीमार पड़ीं।