1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 11, 2026, 1:44:35 PM
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BIHAR NEWS : सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। ब्लॉक रोड स्थित एक निजी क्लिनिक में कार्यरत एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने क्लिनिक संचालक सह डॉक्टर पर दुष्कर्म और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर छपरा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए हर पहलू को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता पिछले साल 15 दिसंबर 2025 से उक्त क्लिनिक में काम कर रही थी। उसने आरोप लगाया है कि एक रात क्लिनिक संचालक उसके कमरे में जबरन घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की। पीड़िता का यह भी कहना है कि घटना के बाद उसे डराने-धमकाने की कोशिश की गई और बाद में नौकरी से निकाल दिया गया। इतना ही नहीं, उसे पिछले तीन महीने का मानदेय भी नहीं दिया गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले को दर्ज किया और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने क्लिनिक पहुंचकर जांच की और जरूरी साक्ष्य इकट्ठा किए, ताकि मामले की सच्चाई तक पहुंचा जा सके।
पुलिस का कहना है कि आरोपी डॉक्टर और उसका सहयोगी घटना के बाद से फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।फिलहाल, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करती है कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अभी भी कितनी चुनौतियां बनी हुई हैं। जरूरत है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई हो, ताकि समाज में एक मजबूत संदेश जाए।