1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 11, 2026, 2:52:00 PM
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BIHAR NEWS : बिहार के बांका जिला स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह किताबें या परीक्षा नहीं, बल्कि ऐसा “मसालेदार मामला” है जिसने पूरे कैंपस को हिला कर रख दिया। कॉलेज परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक छात्र और छात्रा को कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में देखे जाने की बात सामने आई। बस फिर क्या था—कैंपस का माहौल अचानक “शांत शिक्षा केंद्र” से बदलकर “हाई वोल्टेज ड्रामा सेट” बन गया!
यह घटना क्लास के दौरान की बताई जा रही है। बताया जाता है कि कुछ छात्रों ने एक क्लासरूम के अंदर ऐसा दृश्य देख लिया, जिसने पूरे कॉलेज में आग की तरह अफवाह फैला दी। और फिर शुरू हुआ असली “मिर्च-मसाला एपिसोड”—जहां हर छात्र के पास कहानी का अपना अलग ही ट्विस्ट था!
कुछ ही मिनटों में कॉलेज का हर कोना इस खबर से गूंज उठा। कोई इसे अनुशासन का उल्लंघन बता रहा था, तो कोई इसे “कैंपस का नया ट्रेंड” कहकर चटखारे ले रहा था। देखते ही देखते माहौल इतना गरम हो गया कि छात्रों का गुस्सा उबाल मारने लगा और कॉलेज परिसर में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
हालात इतने बिगड़ गए कि छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कई छात्रों का कहना था कि शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की घटनाएं “संस्कृति और अनुशासन” पर सीधा प्रहार हैं। वहीं कुछ छात्रों ने मौके का फायदा उठाकर पूरे कैंपस को “विरोध प्रदर्शन मंच” में बदल दिया।
स्थिति तब और नाटकीय हो गई जब एक छात्र ने गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद कॉलेज परिसर ऐसा लगने लगा जैसे किसी बड़ी राजनीतिक रैली का मैदान हो—जहां अंदर अधिकारी और बाहर गुस्साए छात्र आमने-सामने खड़े हों।
मामला बढ़ता देख कॉलेज प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में एसडीएम राजकुमार और एसडीपीओ अमर विश्वास भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस की एंट्री होते ही कैंपस का माहौल और भी गंभीर हो गया, और कॉलेज “एजुकेशन ज़ोन” से अचानक “हाई अलर्ट ज़ोन” में बदल गया।
अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन गुस्से और अफवाहों के बीच माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा। करीब आधे घंटे तक कॉलेज में अफरा-तफरी का आलम ऐसा रहा कि प्रशासनिक अधिकारी भी अंदर फंसे रह गए।
काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया गया और गेट खोला गया। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए संबंधित छात्र और छात्रा को तत्काल प्रभाव से कॉलेज से निष्कासित कर दिया। छात्रा को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया, जबकि कुछ अन्य छात्रों को पुलिस पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
प्राचार्य मो. शहबरुद्दीन अहमद ने साफ कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कदम उठाए गए हैं और आगे जांच के बाद और भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि शनिवार को छात्रों के साथ एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे विवाद दोबारा न हों।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन बनाए रखना अब इतना मुश्किल हो गया है कि हर छोटी घटना “बड़े बवाल” का रूप ले लेती है?फिलहाल कैंपस में शांति तो बहाल हो गई है, लेकिन छात्रों के बीच चर्चा का बाजार अभी भी गर्म है। कोई इसे “गलत मिसाल” बता रहा है तो कोई इसे “कैंपस ड्रामा का हाई-टेंशन एपिसोड” करार दे रहा है।