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शादी के 13 साल बाद कार से मिला विवाहिता का शव... ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप, इलाके में सनसनी

Crime News: पश्चिमी चंपारण में एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत से हड़कंप मच गया है। महिला का शव एक कार से बरामद हुआ है, जिसके बाद मायके पक्ष ने इसे दहेज हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पति समेत...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 11, 2026, 1:28:13 PM

शादी के 13 साल बाद कार से मिला विवाहिता का शव... ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप, इलाके में सनसनी

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Bihar Crime News: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामला उस वक्त और पेचीदा हो गया जब महिला का शव एक कार से बरामद किया गया। घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं, वहीं मायके पक्ष ने इसे साफ तौर पर दहेज हत्या बताते हुए ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।


यह घटना महोदीपुर पंचायत के चैता वार्ड संख्या 4 की है। मृतका की पहचान 28 वर्षीय करिश्मा पाण्डेय के रूप में हुई है, जो राधेश्याम पाण्डेय की पत्नी थी। करिश्मा अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई है 6 वर्षीय बेटा आदर्श कुमार और दो बेटियां, 9 वर्षीय पुष्पांजलि कुमारी और 5 वर्षीय झुनमून कुमारी। मां की असमय मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।


घटना की सूचना मिलते ही मझौलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार से शव को बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पति, सास और ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही एफएसएल (फॉरेंसिक टीम) को भी जांच के लिए बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी है।


मृतका के मायके पक्ष ने इस घटना को लेकर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। मृतका की मां शोभा देवी और पिता मुचकुन्द पाण्डेय ने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब 13 साल पहले बड़े धूमधाम से हुई थी, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज में कार खरीदने के लिए दो लाख रुपये की मांग शुरू हो गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर यह रकम भी दी, इसके बावजूद उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जाता रहा।


परिजनों के अनुसार, स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि कुछ समय पहले करिश्मा को घर से निकाल दिया गया था, जिसके बाद वह करीब छह महीने तक अपने मायके में रही। बाद में 18 फरवरी 2026 को पंचायत के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों में समझौता हुआ और करिश्मा को फिर से ससुराल भेजा गया। लेकिन मायके वालों का आरोप है कि ससुराल लौटने के बाद भी उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।


घटना से एक दिन पहले भी जब मायके वाले बेटी से मिलने पहुंचे, तो उन्हें उससे मिलने नहीं दिया गया। इससे परिवार को पहले ही किसी अनहोनी की आशंका होने लगी थी। शुक्रवार को जब वे पुलिस के साथ ससुराल पहुंचे, तो देखा कि करिश्मा का शव कार में रखकर कहीं ले जाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद कर लिया।


मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि मायके पक्ष की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।