Bihar Weather: बिहार में कई दिनों से चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था लेकिन अब मौसम बदलने की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 30 अगस्त से शुरू होकर अगले तीन दिन तक राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर चलेगा। यह बारिश खासकर उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में गर्मी और उमस से राहत देगी। हालांकि, गंगा और उसकी सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ और कटाव का खतरा भी बढ़ा दिया है, जिससे प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।
29 अगस्त को बिहार का मौसम ज्यादातर उमस भरा रहेगा, लेकिन कुछ जगहों पर हल्की राहत मिल सकती है। खगड़िया, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, पटना, गया और बक्सर जैसे दक्षिणी जिलों में बूंदाबांदी के साथ धूप का असर भी बना रहेगा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तापमान में आज मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन 30 अगस्त से किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भारी बारिश शुरू होगी। इसके बाद 31 अगस्त को सारण, सीवान, वैशाली और 1 सितंबर को पश्चिम चंपारण, भभुआ में मूसलाधार वर्षा के आसार हैं।
गंगा नदी के उफान ने कई इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। पटना में दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह घाट पर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, खासकर गांधी घाट पर दो मीटर ऊंचा जलस्तर चेतावनी दे रहा है। सोनपुर के सबलपुर गांव में कटाव की वजह से कई मकान नदी में समा गए। आरा के जवईनिया और बक्सर-पटना के गांवों में भी कटाव ने ग्रामीणों को परेशान कर रखा है। जल संसाधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से नदी किनारे सावधानी बरतने की अपील की है।
आगामी बारिश जहां किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है, वहीं बाढ़ का खतरा भी बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग स्थानीय प्रशासन के अलर्ट पर नजर रखें और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिहार में मानसून का यह दौर राहत के साथ चुनौतियां भी ला सकता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है। अधिक जानकारी के लिए मौसम विभाग की वेबसाइट या स्थानीय अपडेट्स का सहारा लें।






