Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। एनडीए के नेता जहां इसे नीतीश कुमार का अपना फैसला बता रहे हैं तो वहीं विपक्ष इसे बीजेपी की साजिश करार दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के पीछे बीजेपी की बड़ी साजिश है।
सीएम नीतीश कुमार के विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि दूसरे सदन में अगर कोई भी चुना जाता है तो एक सदन से इस्तीफा देना पड़ता है, इसी प्रक्रिया के तहत नीतीश कुमार ने विधान परिषद से इस्तीफा दिया है लेकिन जैस दिख रहा है वैसा है नहीं। सच बात यह है कि बिना उनकी मर्जी से दबाव में यह निर्णय लिया गया है।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार में भाजपा के लोगों ने नीतीश कुमार को तो ठगा ही साथ ही साथ बिहार की जनता को भी ठगने का काम किया है। हमलोग तो शुरू से ही कहते रहे हैं कि बिहार में अगर एनडीए की सरकार आती है तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं रहने दिया जाएगा और आझ वही बात सही साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव में जो इन लोगों ने सरकारी मशीनरी और धन तंत्र का इस्तेमाल किया था और माताओं-बहनो से कहा कि उन्हें दो लाख रुपए मिलेंगे। चुनाव के समय 10 हजार रुपए दिए गए और बाद में दो लाख रुपए देने का वादा किया गया। दो लाख रुपए कब मिलेंगे? बिहार की महिलाओं के साथ साथ मतादाताओं को भी इन लोगों ने ठगा। 125 यूनिट फ्री बिजली की जो बात थी। देशभर में सबसे महंगी बिजली बिहार में मिलती है।
तेजस्वी ने कहा कि कुल मिलाकर यह ठगों की सरकार है। बिहार की जनता को ठगा, नीतीश कुमार को ठगा। जो लोग अपनों को ठग सकते हैं तो समझा जा सकता है कि आने वाले समय में बिहार की क्या स्थिति होने वाली है। गैस, डीजल-पेट्रोल हो, महंगाई चरम सीमा पर पहुंच गई है। जैसे ही बंगाल-केरल का चुनाव खत्म होगा, देश में पेट्रोल डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होगी। ये लोग ठग हैं और केवल लोगों को ठगने का काम करते हैं।

