Bihar News: बिहार सरकार ने सूबे के वरिष्ठ चिकित्सकों से बड़ा आह्वान किया है. सरकार ने कहा है कि मेडिकल कॉलेज चलाने में आप सभी सहयोग करें. चिंता इस बात की है कि सूबे में निजी मेडिकल कॉलेज अच्छे से चल रहे, लेकिन सभी संसाधन मुहैया कराने के बाद भी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी नहीं मिलते. सूबे के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पर चिंता जाहिर की है.
सरकारी मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी नहीं, जबकि प्राइवेट अच्छे से चल रहा
1st Bihar/Jharkhand के Aarogya Excellence Awards 2026 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूबे के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि सूबे में अगर मेडिकल हॉस्पिटल के बड़े ग्रुप आयेंगे तो हम विंडो खोलने का काम करेंगे. हमारे यहां एक चिंता का विषय यह है कि सूबे में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बेस्ट फैकल्टी नहीं मिलती, पर वहीं निजी मेडिकल कॉलेज अच्छे से चल रहे. ऐसा क्यों है ? सम्राट चौधरी ने बजाप्ता उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया कि मधेपुरा और बेतिया मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी उपलब्ध नहीं हो पाते, जबकि सारा संसाधन जुटाया गया है, करोड़ों रू खर्च किए गए हैं. इसके उलट कटिहार,किशनगंज और सासाराम में निजी मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं. न सिर्फ चल रहा,बल्कि अच्छे से चल रहा है.अच्छे-अच्छे डॉक्टर उपलब्ध हैं.
अगली कैबिनेट में चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह घोषणा की है. अगली कैबिनेट में सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक का प्रस्ताव लाएँगे और इसको कर देंगे. इसके लिए इंसेक्टिव देना होगा,हम देंगे. हम चिकित्सकों के संघ के साथ बैठकर रास्ता निकालेंगे.
पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज..बनाई जा रही पॉलिसी
सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों से आग्रह करते हुए कहा कि आप ही से पटना चल रहा है. वैसे सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, हम उन्हें पीपीपी मोड पर लाना चाहते हैं.इसके लिए पॉलिसी बनाने काम किया जा रहा है. हम चाहते हैं कि बिहार के ही चिकित्सक हमारे मेडिकल कॉलेज को स्थापित करें, इस परिकल्पना में आप हमें सहयोग करें. एक-एक मेडिकल कॉलेज पर हम 500 करोड़ रू खर्च कर रहें, इसका आउटपुट आना चाहिए. आप यदि अपनापन दिखायेंगे, तो आउटपुट मिलेगा.




