1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 17, 2026, 7:41:27 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार सरकार ने पत्थर खदानों की बंदोबस्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और राज्य का राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य की सभी पत्थर खदानों की बंदोबस्ती ई-नीलामी के माध्यम से की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया संबंधित जिलों के समाहर्ता (डीएम) के स्तर पर संपन्न होगी।
सरकार ने यह भी तय किया है कि पहले वर्ष के लिए पत्थर खदानों के सुरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इससे राज्य को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। ई-नीलामी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए सरकार ने मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन (एमएसटीसी) का चयन किया है। इसके माध्यम से खदानों की ऑनलाइन नीलामी कराई जाएगी।
खान एवं भू-तत्व विभाग के अनुसार गया, रोहतास, औरंगाबाद, शेखपुरा और बांका जिलों में जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन जिलों में रिपोर्ट का प्रारूप जारी कर 21 दिनों के लिए आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां भी आमंत्रित की गई हैं। वहीं, नवादा जिले की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब पत्थर खदानों की न्यूनतम सुरक्षित बोली (रिजर्व प्राइस) पुराने तरीके से तय नहीं की जाएगी। इसके बजाय जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में आंकी गई वार्षिक खनन योग्य पत्थर की मात्रा के आधार पर मूल्य निर्धारित होगा।
इसके लिए खनन योग्य पत्थर की कुल मात्रा को स्वामित्व दर 500 रुपये प्रति घनमीटर से गुणा किया जाएगा। इसके बाद प्राप्त राशि में 25 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर पहले वर्ष का सुरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य खनन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है।