1st Bihar Published by: PRABHAT SHANKAR Updated Aug 01, 2025, 11:10:20 AM
बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट विधानसभा के बंदरा प्रखंड के रतवारा चौक स्थित माता सिद्धिदात्री दुर्गा मंदिर परिसर में रतवारा ढ़ोली घाट के बूढ़ी गड़क नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहे अनशन में राजनीतिक विवाद गहराया। अनशन के संयोजक श्याम किशोर के नेतृत्व में बुधवार से शुरू हुए इस अनशन के दौरान स्थानीय राजद विधायक निरंजन राय भी अनशन स्थल पर पहुंचे और लोगों की मांग पर अनशन में शामिल हो गए।
दरअसल, राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, राजद सुप्रीमों लालू यादव के हनुमान भोला यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, विधान पार्षद कारी सोहेव सहित अन्य वरिष्ठ नेता अनशन स्थल पर वार्ता कर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश में जुटे थे। प्रारंभ में सभी नेता अनशन खत्म कराने के लिए वार्ता कर रहे थे, लेकिन जैसे ही विधायक ने अनशन समाप्त करने की बात कही, वहां मौजूद कुछ लोग उग्र हो उठे और तेजस्वी यादव को बुलाने की जोरदार मांग करने लगे।
तेजस्वी यादव और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों को बुलाने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई, जिसमें "तेजस्वी यादव मुर्दाबाद" और "निरंजन राय मुर्दाबाद" के नारे लगने शुरू हो गए। इन नारेबाजी से माहौल गरमाता गया और राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल समेत अन्य नेता विरोध के कारण वहां से बैरंग लौटने को मजबूर हो गए।
राजद नेताओं ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि यदि उनकी पार्टी सरकार में आई तो पुल निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, वहीं जिला प्रशासन भी आश्वासन दे चुका है कि जल्द ही पुल का निर्माण होगा। हालांकि आंदोलनकारी पुल निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक श्याम किशोर ने अनशन खत्म करने से साफ इंकार कर दिया। इस बीच सोशल मीडिया पर राजद प्रदेश अध्यक्ष के सामने तेजस्वी यादव और निरंजन राय मुर्दाबाद के नारे लगाने का वीडियो वायरल हो गया है, जो राजद विपक्ष की राजनीतिक साजिश और असमझदारी के रूप में देखा जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि पुल निर्माण को लेकर स्थानीय जनता और राजद नेताओं के बीच मतभेद और तनाव बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वहीं, अनशन जारी है और आंदोलनकारियों का कहना है कि वे तब तक अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे जब तक पुल निर्माण की कार्यवाही शुरू नहीं होती। प्रशासन और राजद नेताओं के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन फिलहाल माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।