Bihar Rain Alert: बिहार में मानसून ने अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने शुक्रवार, 4 जुलाई को राज्य के अधिकांश जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है। अगले पांच दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज आंधी-तूफान की संभावना बनी रहेगी। बीते 24 घंटे में बांका जिले में 41.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक रही। हाजीपुर, जमुई और नवादा में भी गुरुवार को तेज बारिश हुई है जिससे नवादा में कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राजधानी में अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पटना में आंशिक बादल छाए रहेंगे और दोपहर में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे उमस और बढ़ सकती है। छपरा पिछले 24 घंटे में सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बंगाल और उत्तर ओडिशा के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर अब बिहार के दक्षिणी और मध्य जिलों गया, जमुई और बांका में बारिश के रूप में दिख रहा है।
मानसून की टर्फ रेखा वर्तमान में बीकानेर से दीघा और बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जो बिहार में नमी बनाए रखने में मदद कर रही है। इसके कारण पूर्वी और पश्चिमी बिहार के जिलों सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, भोजपुर और बक्सर में मानसूनी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। मध्य असम और मध्य प्रदेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की आशंका है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जिससे यातायात और कृषि गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और वज्रपात से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सभी जिलों में स्थिति पर नजर रखने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर किसानों, बच्चों और बुजुर्गों से खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न रहने की अपील की गई है। बिहार में पहले से ही कुछ इलाकों में जलजमाव और बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन को राहत कार्यों की तैयारी करने को कहा गया है।


