Bihar News: बिहार में आने वाले समय में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग मतदाता पुनरीक्षण का काम करा रहा है. घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी लेकर वोटर लिस्ट अपडेट किया जा रहा है. बिहार में यह काम युद्ध स्तर पर जारी है. चुनाव आयोग के निर्देश पर अधिकारी इस काम में लगे हैं. चुनाव आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि विशेष पुनरीक्षण- 2025 कार्यक्रम को सफल कराना है. इसमें जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनका स्थानांतरण नहीं करना है. इस आलोक सूबे के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने 28 जून को ही सभी विभागों के सचिव को पत्र लिखकर साफ कर दिया कि गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, बीएओ, सुपरवाइजर तथा निर्वाचन सूची के कार्यों से जुड़े अन्य कर्मियों का स्थानांतरण नहीं करना है.
आयोग के पत्र के बाद बीडीओ का स्थानांतरण आदेश हुआ स्थगित
मुख्य सचिव के इस आदेश के आलोक में ग्रामीण विकास विभाग ने 24 जून को प्रखंड विकास पदाधिकारी,प्रभारी बीडीओ के स्थानांतरण आदेश को स्थगित कर दिया. विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह के द्वारा इस संबंध में सभी जिलों के डीएम को स्थगन आदेश के बारे में जानकारी दी गई. बीडीओ के स्थानांतरण आदेश रोकने के पीछे चुनाव आयोग द्वारा मतदाता पुनरीक्षण कार्य को बताया गया.
रोक के बाद भी नगर विकास विभाग ने ताबड़तोड़ किए ट्रांसफर
एक तरफ ग्रामीण विकास विभाग ने बीडीओ के स्थानांतरण आदेश को स्थगित कर दिया. दूसरी तरफ मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी नगर विकास विभाग से लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सैकड़ों अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया. वो भी चुनाव आयोग से अनुमति मिलने से पहले.
स्थानांतरण को लेकर गजब की जल्दीबाजी में था नगर विकास विभाग
नगर विकास विभाग ने जून महीने के अंतिम दिन यानि 30 जून को 126 कार्यपालक पदाधिकारियों का तबादला कर दिया. चुनाव आयोग और मुख्य सचिव के निर्देशों को ताक पर रख कर स्थानांतरण का पत्र जारी किया गया. जिस दिन ट्रांसफर ऑर्डर जारी किया गया, उसी दिन निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर स्थानांतरण की अनुमति मांगी गई। नगर विकास विभाग द्वारा स्थानांतरण की जो अधिसूचना जारी की गई है, उसमें कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 24 जून 2025 पत्र जारी किया गया है. इसके अनुपालन के आलोक में 30 जून को स्थानांतरण की अनुमति मांगी गई है. अनुमति मिलने अथवा मतादाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 कार्यक्रम की समाप्ति में जो भी पहले हो, उक्त अधिसूचना से स्थानांतरित-पदस्थापित पदाधिकारी द्वारा प्रभार का आदान-प्रदान एवं योगदान किया जायेगा.
एक तरफ मुख्य सचिव ने मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर इसससे जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी, इसके बाद भी कई विभागों ने स्थानांतरण में गजब की जल्दीबाजी दिखाई। आदेश को दरकिनार कर नगर विकास विभाग ने भारी संख्या में अधिकारियों के तबादले किए हैं. अब यह मामला विवादों में फंसते जा रहा है. इस मामले को न्यायालय में ले जाने की तैयारी चल रही है.





