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सम्राट के CM बनते ही सरकार का मिजाज बदला: सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को मिली सख्त चेतावनी, सुधर जाइये वर्ना होगा बड़ी कार्रवाई

सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की लेटलतीफी और सुस्त कार्यसंस्कृति पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव के निर्देश पर समय पालन अनिवार्य किया गया है, औचक निरीक्षण होंगे और देर से आने पर वेतन कटौती की जाएगी

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 23, 2026, 5:48:54 PM

बिहार न्यूज

सरकारी कार्यालयों का होगा औचक निरीक्षण - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: 11 बजे लेट नहीं और 4 बजे भेंट नहीं की कार्यशैली को अपनाने वाले सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों पर अब गाज गिरेगी. सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद एक्शन में आई सरकार ने सरकारी दफ्तरों में कामकाज पर नया फरमान जारी कर दिया है. अब सरकारी नौकरी में आराम फरमाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरने वाली है. सरकार ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है. 


मुख्य सचिव ने लिखा कड़ा पत्र

सीएम सम्राट चौधरी के दिशा-निर्देश पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सरकारी कार्यालयों में सुस्त कार्यसंस्कृति और लेटलतीफी पर बेहद सख्त रुख अपनाया है. मुख्य सचिव ने साफ कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में अब कर्मचारियों और अधिकारियों की मनमानी नहीं चलेगी, उन्हें काम करना ही पड़ेगा. 


सारे डीएम और प्रधान सचिव को पत्र भेजा

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सारे जिलों के जिलाधिकारियों के साथ साथ सभी विभागों के प्रमुख को इस संबंध में पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया कि सरकारी नौकरी करने वालों को कार्यालय में समय पर आकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना और दफ्तर की अवधि के दौरान सरकारी दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना अनिवार्य है. इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. 


सरकारी कार्यालयों का होगा औचक निरीक्षण 

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि सारे सरकारी दफ्तरों में अब औचक निरीक्षण किया जाएगा और यदि कोई कर्मचारी अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जायेगी. सारे सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक्स से उपस्थिति दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया है.


लेट से पहुंचे तो वेतन कटेगा

मुख्य सचिव ने लेट से दफ्तर आने वाले कर्मचारियों औऱ अधिकारियों के लिए सख्त चेतावनी के साथ साथ उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है. समय पर दफ्तर नहीं आने वाले कर्मचारियों का वेतन काटने का आदेश दिया गया है. ऐसे कर्मचारी और अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते हैं तो सबसे पहले उनके अवकाश खाते से छुट्टी काट ली जायेगी. यदि उनके अवकाश खाते में छुट्टी बची हुई नहीं है, तो लेट से आने की अवधि के लिए उनके वेतन से कटौती की जाएगी। मुख्य सचिव ने वेतन तैयार करने वाले सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि वे उपस्थिति विवरणी के आधार पर ही वेतन विपत्र तैयार करें, अन्यथा जवाबदेही उनकी होगी।


कार्यालय समय को लेकर भी गाइडलाइन

मुख्य सचिव ने बिहार सरकार के कार्यालयों के लिए निर्धारित समय को फिर से स्पष्ट किया है. इसका मकसद ये है कि कर्मचारियों-अधिकारियों से लेकर आम लोगों के बीच किसी भी तरह का भ्रम न रहे। सरकार के जिन दफ्तरों में सप्ताह में पांच दिन काम हो रहा है, उन कार्यालयों में काम का समय सुबह 09:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक है. इसमें दोपहर 01:00 से 02:00 बजे तक लंच का समय होगा. हालांकि नियमित महिला कर्मचारियों के लिए कार्यालय की अवधि सुबह 09:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक ही रहेगी. 


क्षेत्रीय और जिला कार्यालयों जैसे प्रमण्डलीय आयुक्त,  जिलाधिकारी और मुख्य अभियंताओं के कार्यालय में छह दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है यानि सप्ताह में 6 दिन काम होता है. वहां कार्यालय का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक है, जबकि नवंबर से फरवरी तक कार्यालय का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक होता है. इसमें दोपहर 01:30 से 02:00 बजे तक भोजन का समय है.