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पटना में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार: 45 करोड़ से अधिक के ड्रग्स बरामद, नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा

Bihar Crime News: पटना पुलिस ने नशें के संगठित नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है. पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन महीनों में 45 करोड़ से अधिक के ड्रग्स को जब्त किया है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 23, 2026, 2:07:02 PM

Bihar Crime News

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Crime News: पटना में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 45 करोड़ रुपये से अधिक के नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई शहर में तेजी से फैल रहे ड्रग नेटवर्क पर कड़ा प्रहार मानी जा रही है।


पुलिस द्वारा जब्त किए गए नशीले पदार्थों में एंटी वेनम सिरम, बूप्रेनोरफीन, एविल इंजेक्शन और प्रतिबंधित कफ सिरप शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन दवाओं का इस्तेमाल सामान्य इलाज के लिए होता है, लेकिन अब इनका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है। खासतौर पर एंटी वेनम सिरम, जो सांप के काटने के इलाज में उपयोग होता है, उसके गलत इस्तेमाल के मामले सामने आए हैं।


जांच में यह भी सामने आया है कि कुल बरामदगी का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा शहर के पूर्वी इलाकों से हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि इन क्षेत्रों में नशे का बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है। इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने कार्रवाई और तेज कर दी है।


पूर्वी पटना के एसपी परिचय कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में पत्रकार नगर, चित्रगुप्त नगर, सुल्तानगंज, बहादुरपुर, गोपालपुर और मुसल्लहपुर थानों के SHO को शामिल किया गया है, ताकि समन्वित तरीके से कार्रवाई की जा सके।


6 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में 9,370 यूनिट नशीले इंजेक्शन और 5,537 यूनिट कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किए गए। इसके अलावा एंटीबायोटिक और अन्य दवाओं की भी बड़ी खेप जब्त की गई।


अप्रैल महीने में अलग-अलग इलाकों में लगातार छापेमारी की गई, जिसमें हजारों इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी गईं। 13 अप्रैल को हुई सबसे बड़ी कार्रवाई में 78,000 एम्पुल इंजेक्शन जब्त किए गए, जो इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।


जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि बूप्रेनोरफीन और एविल इंजेक्शन को मिलाकर नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिसका असर कई घंटों तक रहता है और यह युवाओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। पुलिस के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना नीरज फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही उसकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि नशा सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।