1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 23, 2026, 4:12:09 PM
खबर का असर - फ़ोटो सोशल मीडिया
JAMUI: 22 अप्रैल 2026 को हमने आपको जमुई के सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था से रू-ब-रू कराया था। कैसे अस्पताल में मरीज बेड की कमी से जूझ रहे हैं, यह दिखाया था कि बेड नहीं उपलब्ध रहने की वजह से मरीजों को फर्श पर लेटकर इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
मंगलवार दोपहर की एक मार्मिक घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया। झाझा के चरघरा निवासी निर्मला देवी अपने बीमार पति प्रदीप साव को लेकर अस्पताल पहुंचीं, लेकिन बेड खाली न होने के कारण उन्हें फर्श पर ही लिटाकर घंटों इंतजार करना पड़ा। तपती गर्मी में वह अपने पति को गोद में लेकर फर्श पर बैठी रहीं।
जब मीडिया ने उनसे बात की तो उन्होंने बेबसी भरे शब्दों में कहा, “क्या करें साहब? बेड खाली नहीं है।” कैमरा देखते ही अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे और मरीज को इलाज के लिए अंदर ले गए। जानकारी के अनुसार, प्रदीप साव की तबीयत करीब 30 घंटे से खराब थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका।
दूसरी तरफ यह भी दिखाया गया कि जमुई के झाझा में 5.75 करोड़ से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब तक शुरू नहीं हो सका। यह अस्पताल हाथी का दांत बना हुआ है। जहां मरीजों का इलाज अभी शुरू नहीं हो सका है। यह शो पीस बनकर रह गया है। इस मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया। फर्स्ट बिहार पर खबर चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए जमुई के सिविल सर्जन से सफाई मांगी।
जमुई जिले के झाझा में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का इलाज शुरू नहीं होने को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से शो कॉज मांगा गया तब उन्होंने अब जमुई के जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को अपना स्पष्टीकरण भेज दिया है।
दरअसल, 30 बेड के सीएचसी भवन के उदघाटन बाद उसे चालू नहीं किये जाने के संबंध में स्थानीय समाचार माध्यमों में खबर प्रकाशित की गई थी, , जिसका शीर्षक था "30 बेड का सीएचसी भवन उद्घाटन के बाद चालू नहीं" एवं “दो बार उद्घाटन पर इलाज नहीं हो सका शुरू, ताले में बंद स्वास्थ्य केंद्र।" जिसका स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए जमुई के सिविल से इस मामले में सफाई मांगी थी।
जिसके जवाब में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया है कि संवेदक द्वारा नवनिर्मित स्वास्थ्य के भवन में विद्युत् आपूर्ति का काम पूरा नहीं किया गया है। इसी कारण संवेदक ने भवन को अभी तक हस्तगत नहीं किया है। जिसके कारण इस 30 शय्या वाले नवनिर्मित भवन में मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है। इन्हीं कारणों से झाझा के चरघरा निवासी निर्मला देवी के बीमार पति प्रदीप साव को अस्पताल में बेड नहीं मिल सका था। बता दें कि इस मामले में बिजली विभाग से भी स्पष्ट प्रतिवेदन की मांग की गई है।