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Bihar Coaching Policy : खान और रौशन आनंद विवाद के बीच सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, कई कोचिंग संस्थान पर लगेंगे ताले, तीन महीने में आएगी नई पॉलिसी

पटना में कोचिंग संस्थानों के विवाद के बाद बिहार सरकार अलर्ट मोड में। शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने 3 महीने के भीतर नई कोचिंग पॉलिसी लाने का ऐलान किया। पॉलिसी लागू होने के बाद नियम तोड़ने वाले कोचिंग संचालकों पर होगी कार्रवाई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 03, 2026, 12:58:39 PM

Bihar Coaching Policy : खान और रौशन आनंद विवाद के बीच सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, कई कोचिंग संस्थान पर लगेंगे ताले, तीन महीने में आएगी नई  पॉलिसी

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Bihar Coaching Policy : राजधानी पटना में हाल के दिनों में दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बिहार सरकार अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा यदि कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती है तो सरकार इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। लिहाजा आगामी तीन महीनों के भीतर नई कोचिंग नीति का मसौदा तैयार कर लिया जाएगा। 


शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में कोचिंग संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही है और छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के बजाय यदि संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो जाती है तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हाल में सामने आई घटनाओं ने सरकार का ध्यान इस दिशा में गंभीरता से आकर्षित किया है। इसी को देखते हुए बिहार सरकार एक व्यापक कोचिंग पॉलिसी तैयार करने जा रही है।


मिथलेश तिवारी ने बताया कि आगामी तीन महीनों के भीतर नई कोचिंग नीति का मसौदा तैयार कर लिया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों के संचालन, छात्रों की सुरक्षा, संस्थानों की जवाबदेही और आपसी प्रतिस्पर्धा के लिए स्पष्ट नियम तय करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी एक पक्ष की बात सुनकर फैसला नहीं करेगी बल्कि नीति निर्माण से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय ली जाएगी।


शिक्षा मंत्री के अनुसार कोचिंग संचालकों, शिक्षा विशेषज्ञों, अभिभावकों, प्रशासनिक अधिकारियों और छात्रों से सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। सभी पक्षों के विचारों को शामिल करने के बाद ऐसी नीति बनाई जाएगी जिससे शिक्षा का माहौल बेहतर हो और किसी भी प्रकार का विवाद या टकराव रोका जा सके।


उन्होंने कहा कि नई कोचिंग पॉलिसी लागू होने के बाद यदि किसी संस्थान की ओर से नियमों का उल्लंघन किया जाता है या प्रतिस्पर्धा की आड़ में हिंसा, मारपीट अथवा अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की जाती है तो संबंधित कोचिंग संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि शिक्षा का क्षेत्र विवाद और शक्ति प्रदर्शन का मंच न बने।


इस बीच बुधवार सुबह एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के बाहर छात्रों के प्रदर्शन और हंगामे को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार की नजर पूरे घटनाक्रम पर है और प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


मिथलेश तिवारी ने छात्रों और अन्य लोगों को भी संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा के मुद्दों को राजनीतिक रंग देने या अनावश्यक रूप से नेतृत्व स्थापित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे मामलों में खुद को नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होता बल्कि स्थिति और जटिल हो जाती है।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी छात्र के साथ अन्याय होता है तो उसके समाधान के लिए प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्था मौजूद है। इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतते हुए कानून और व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए।


सरकार का मानना है कि शिक्षा का वातावरण शांतिपूर्ण और सकारात्मक होना चाहिए। इसी उद्देश्य से नई कोचिंग पॉलिसी तैयार की जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, टकराव या अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो और छात्रों का ध्यान केवल पढ़ाई और अपने भविष्य के निर्माण पर केंद्रित रह सके।