Hindi News / bihar / patna-news / बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: राजगीर, रोहतास और कैमूर में बनेंगे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट,...

बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: राजगीर, रोहतास और कैमूर में बनेंगे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, AAI के साथ MoU को मिली मंजूरी

बिहार सरकार ने राजगीर और रोहतास-कैमूर क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए AAI के साथ MoU को मंजूरी दे दी है। इससे हवाई कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 15, 2026, 6:50:47 PM

BIHAR

बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा - फ़ोटो AI-generated image

PATNA: बिहार सरकार ने राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद ने राजगीर तथा रोहतास- कैमूर क्षेत्र में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI),नई दिल्ली और बिहार सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) को मंजूरी दे दी है।


इस समझौते के तहत प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं के पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन (Pre-Feasibility Study) के लिए दोनों पक्षों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी।


सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से आवश्यक तकनीकी और भौगोलिक जानकारियों का समयबद्ध आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा। साथ ही अध्ययन प्रक्रिया में बेहतर समन्वय और पारदर्शिता आएगी, जिससे एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकेगी।


ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने के बाद राजगीर, रोहतास और कैमूर क्षेत्र के लोगों को बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा। इसके अलावा पर्यटन, व्यापार, निवेश और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


कैबिनेट की मीटिंग के बाद प्रेस नोट जारी किया गया। जिसमें बताया गया कि राजगीर तथा रोहतास एवं कैमूर क्षेत्र में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा के निर्माण हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) की स्वीकृति प्रदान की गयी है।


राजगीर तथा रोहतास एवं कैमूर क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों का पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन (Pre Feasibility Study) हेतु दोनों पक्षों की भूमिकाऐं एवं उत्तरदायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित होंगे। इससे आवश्यक तकनीकी एवं भौगोलिक सूचनाओं का समयबद्ध आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा तथा अध्ययन प्रक्रिया में समन्वय एवं पारदर्शिता आएगी। साथ ही हवाई अड्डा का निर्माण तेजी से होगा। हवाई अड्डा का निर्माण होने से राज्य एवं स्थानीय निवासियों को हवाई आवागमन एवं आर्थिक विकास में मदद मिलेगा।