Virat Kohli: इस बात में कोई शक नहीं कि विराट कोहली का बल्ला जब बोलता है, तो बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स ध्वस्त हो जाते हैं। 51 वनडे शतक, 14,255 रन, 57.41 की औसत, ये आंकड़े नहीं, सबूत हैं कि कोहली सिर्फ खेलते नहीं, जीतते हैं। हालांकि, इनमें से कुछ पारियां ऐसी हैं जो स्कोरबोर्ड से परे, फैंस के दिल में उतर गईं। आइए, उन पांच पारियों पर नजर डालते हैं जब कोहली ने साबित किया कि टारगेट को चेज करना और कीर्तिमान बनाना उनके डीएनए में शामिल है।
1. 183 vs पाकिस्तान, ढाका 2012
329 का लक्ष्य, पाकिस्तान जैसी टीम के खिलाफ और एशिया कप का मंच। 22 साल का लड़का तीसरे नंबर पर उतरा और 148 गेंदों में 183 रन ठोक डाले। इस पारी में शामिल थे 22 चौके और 2 छक्के। इस पारी में कोहली की सचिन के साथ 133, रोहित के साथ 172 की साझेदारी हुई थी और आखिरी 10 ओवर में 110 रन बने थे। कोहली ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था और यहीं से उन्होंने “चेज मास्टर” का ताज पहना था।
2. 166* vs श्रीलंका, तिरुवनंतपुरम 2023
यह तब की बात है जब लोग कह रहे थे कि “पुराना कोहली चला गया”। ऐसे में कोहली ने 110 गेंदों में 13 चौके, 8 छक्के जड़कर जवाब दिया था। इस मैच में भारत को विशाल जीत मिली थी। यह पारी कोहली का रीबूट बटन भी थी। 1000 दिन बाद शतक आया था और यह उनकी 46वीं वनडे सेंचुरी थी।
3. 160* vs साउथ अफ्रीका, केपटाउन 2018
इस मैच में कोहली ने 159 गेंदों में नाबाद 160 ठोके थे। जहां एक छोर पर विकेट गिरते रहे थे ऐसे में दूसरा छोर कोहली ने संभाल रखा था। इस पारी में उन्होंने 12 चौके, 2 छक्के लगाए थे और भारत 28 साल बाद केपटाउन में जीता था। कोहली ने इस मैच में दिखाया था कि विदेशी सरजमीं पर भी उनका दबदबा किसी से कम नहीं।
4. 157* vs वेस्टइंडीज, विशाखापट्टनम 2018
इस मैच में कोहली ने 129 गेंदों में 157* बनाकर 8 विकेट से भारत को जीत दिलाई। उनकी इस पारी में 13 चौके और 4 छक्के शामिल थे। इस मैच में हर गेंद पर कोहली की टाइमिंग और हर एक रन पर उनका कंट्रोल लाजवाब था। इस पारी में कोहली की कवर ड्राइव्स ने फैंस का खूब मनोरंजन किया था।
5. 154* vs न्यूजीलैंड, मोहाली 2016
इस मैच में भारत को 286 का लक्ष्य मिला था और टीम के 3 विकेट जल्दी गिर गए थे। ऐसे में कोहली-धोनी ने 151 रन की साझेदारी की। जिसमें कोहली ने 120 गेंदों में 16 चौके, 2 छक्के लगाते हुए अपना दम दिखलाया था और आखिरी 5 ओवर में 50 रन बने थे। इस मैच में कोहली ने साबित किया था कि प्रेशर में भी वो किंग की तरह ही खेलते हैं।






