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ISM पटना के छात्रों ने HERO साइकिल यूनिट में समझी आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली

आईएसएम पटना के एमबीए छात्रों ने हीरो साइकिल के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का औद्योगिक भ्रमण कर आधुनिक उत्पादन प्रणाली, लीन मैनेजमेंट, गुणवत्ता नियंत्रण और संचालन तंत्र की व्यावहारिक जानकारी हासिल की।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 13, 2026, 8:51:41 PM

बिहार न्यूज

मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भ्रमण - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: उ‌द्योग और शिक्षा के बीच व्यावहारिक समन्वय को मजबूत करने की दिशा में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम), पटना के आईएसएम छात्रों ने ब्रह्मपुर, पटना स्थित हीरो साइकिल के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का औ‌द्योगिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को पारंपरिक कक्षा शिक्षण से आगे बढ़कर वास्तविक औ‌द्योगिक प्रक्रियाओं और प्रबंधन पद्धतियों को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया।


यह औ‌द्योगिक भ्रमण संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार, डीन एवं प्रिंसिपल, प्रो. (डॉ.) विवेका नंद शर्मा, अकादमिक हेड, प्रो. (डॉ.) स्वेता रानी, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर, नीरू कुमारी तथा प्रबंधन विभागाध्यक्षा, डॉ. पूजा दुबे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समन्वयन सहायक प्रोफेसर, (मार्केटिंग) डॉ. आनंद कुमार चौधरी द्वारा किया गया।


भ्रमण के दौरान एमबीए छात्रों ने आधुनिक विनिर्माण प्रणाली और संचालन तंत्र की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा। विद्यार्थियों ने उत्पादन चक्र की विभिन्न प्रक्रियाओं, असेंबली लाइन संचालन, इन्वेंट्री फ्लो, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली तथा कार्यबल समन्वय जैसी औ‌द्योगिक व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस अनुभव ने छात्रों को प्रबंधन के सैद्धांतिक सिद्धांतों को वास्तविक औ‌द्योगिक क्रियान्वयन से जोड़ने में सहायता प्रदान की।


औ‌द्योगिक भ्रमण का एक प्रमुख आकर्षण समकालीन प्रबंधन अवधारणाओं, काइज़ेन, लीन मैनेजमेंट, निरंतर प्रक्रिया सुधार, उत्पादकता अनुकूलन तथा अपशिष्ट न्यूनीकरण रणनीतियों, की व्यावहारिक समझ रहा। छात्रों ने देखा कि किस प्रकार इन प्रबंधन सिद्धांतों को औ‌द्योगिक वातावरण में व्यवस्थित रूप से लागू कर उत्पादन क्षमता और संचालन दक्षता को बेहतर बनाया जाता है।


कार्यक्रम के दौरान प्लांट हेड, श्री सुजीत झा तथा एचआर हेड, श्री राहुल कुमार ने छात्रों के साथ विस्तृत संवाद किया। उन्होंने उत्पादन योजना, मानव संसाधन प्रबंधन, औ‌द्योगिक अनुशासन, संचालन समन्वय तथा संगठनात्मक प्रभावशीलता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए। इस संवाद ने छात्रों को बड़े स्तर की विनिर्माण इकाइयों में प्रबंधकीय चुनौतियों और रणनीतिक निर्णय प्रक्रिया को समझने में विशेष सहायता प्रदान की।


अनुभवात्मक शिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम समन्वयक, डॉ. आनंद कुमार चौधरी ने कहा कि औ‌द्योगिक भ्रमण प्रबंधन छात्रों के लिए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि औ‌द्योगिक प्रणालियों का प्रत्यक्ष अवलोकन छात्रों में विश्लेषणात्मक सोच विकसित करता है, उन्हें संचालन की वास्तविकताओं से परिचित कराता है तथा उ‌द्योग जगत के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


छात्रों ने इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक और व्यावसायिक रूप से उपयोगी बताया। उनका कहना था कि औ‌द्योगिक प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखने से उत्पादन प्रबंधन से संबंधित अवधारणाओं की उनकी समझ और अधिक स्पष्ट एवं व्यावहारिक हुई।


आईएसएम, पटना प्रबंधन ने इस औ‌द्योगिक एक्सपोज़र कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए संस्थान की उ‌द्योगोन्मुख शिक्षा, व्यावहारिक शिक्षण व्यवस्था तथा सार्थक कॉर्पोरेट एक्सपोज़र प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराया, ताकि विद्यार्थियों को उभरती पेशेवर चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।