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बिहार की राजधानी पटना सहित 6 जिलों में कल 15 मिनट का ब्लैकआउट, सायरन बजते ही करना होगा लाइट बंद

राजधानी पटना में 14 मई को सिविल डिफेंस ब्लैकआउट और हवाई हमले का मॉकड्रिल होगा। सायरन बजते ही प्रशासन, फायर ब्रिगेड और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में नजर आएंगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 13, 2026, 10:08:57 PM

बिहार न्यूज

मोबाइल या टॉर्च भी ना जलाएं - फ़ोटो सोशल मीडिया

PATNA: राजधानी पटना सहित 6 जिलों में कल 14 मई को बड़े स्तर पर सिविल डिफेंस ब्लैकआउट एवं हवाई हमले से जुड़ा मॉकड्रिल आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी आपातकालीन स्थिति, विशेषकर हवाई हमले जैसी परिस्थिति में प्रशासनिक तंत्र, राहत एवं बचाव एजेंसियों की तैयारियों और कार्यक्षमता की जांच करना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पूर्व निर्धारित अभ्यास है और आम लोगों को किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। 


पटना, बेगूसराय, किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया जिले में गुरुवार को 15 मिनट का ब्लैकआउट रहेगा। शाम  7 बजे इन जिलों में सायरन बजाए जाएंगे। इसके बाद बत्ती गुल हो जाएगी। पटना जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार यह मॉकड्रिल नागरिक सुरक्षा निदेशालय के तय मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि किसी संभावित हवाई हमले या बड़े आपदा संकट की स्थिति में प्रशासन कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से राहत एवं बचाव कार्य कर सकता है।



प्रशासन द्वारा जिले में चार प्रमुख सिमुलेशन स्थल चिन्हित किए गए हैं, जहां हवाई हमले की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास होगा। इनमें पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड और आईजीआईएमएस शामिल हैं। इसके अलावा कई सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और सार्वजनिक परिसरों को भी अभ्यास के लिए चयनित किया गया है। प्रशासन ने बताया कि निर्धारित समय पर दो मिनट तक नागरिक सुरक्षा सायरन बजाया जाएगा, जो हवाई हमले की चेतावनी का संकेत होगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट लागू कर दिया जाएगा। इस दौरान लोगों को सतर्क रहना होगा और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा। 


मॉकड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा, एनसीसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, नगर निकाय, विधि-व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों की तत्परता और समन्वय क्षमता की जांच की जाएगी। प्रशासन यह भी देखेगा कि आपदा की स्थिति में राहत कार्य कितनी तेजी से शुरू किए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभ्यास का आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अस्पताल, एम्बुलेंस, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी। पूरे मॉकड्रिल के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा और हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह केवल सुरक्षा तैयारियों का अभ्यास है। लोग किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।