Sanju Samson: एशिया कप 2025 की धमाकेदार शुरुआत आज से हो रही है, हालांकि टीम इंडिया का पहला मुकाबला कल 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ दुबई में खेला जाना है। इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग 11 को लेकर सबसे ज्यादा बहस विकेटकीपर बल्लेबाज के पद पर चल रही है। संजू सैमसन और जितेश शर्मा के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिल रही है। दुबई की आईसीसी एकेडमी में सोमवार को हुए आखिरी अभ्यास सत्र से साफ संकेत मिले हैं कि संजू सैमसन को शायद ही प्लेइंग 11 में जगह मिले। इसके बजाय, जितेश शर्मा को फिनिशर के रूप में मौका दिया जा सकता है।
अभ्यास सत्र के दौरान संजू सैमसन को विकेटकीपिंग के लिए दस्ताने पहनकर सबसे पहले मैदान पर पहुंचे, लेकिन जैसे ही बल्लेबाजी का रोटेशन शुरू हुआ, वे अकेले नजर आए। जितेश शर्मा, शिवम दुबे, तिलक वर्मा और हार्दिक पंड्या ने बारी-बारी से नेट्स पर प्रैक्टिस की, जबकि सैमसन को लंबा इंतजार करना पड़ा। बाद में शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव और अभिषेक शर्मा को कई बार मौका मिला, लेकिन सैमसन को सबसे आखिर में बल्लेबाजी करने का अवसर दिया गया। एक नेट गेंदबाज ने उन्हें हाफ-ट्रैकर गेंद फेंकी, जिसकी टाइमिंग वे गलत कर बैठे। इससे साफ जाहिर हो गया कि टीम मैनेजमेंट सैमसन को प्राथमिकता नहीं दे रहा। ज्ञात हो कि सैमसन ने हाल ही में केरल क्रिकेट लीग में शानदार फॉर्म दिखाया, जहां उन्होंने 368 रन ठोके थे।
हेड कोच गौतम गंभीर ने कीपिंग अभ्यास के दौरान सैमसन से संक्षिप्त बातचीत भी की, लेकिन लगता है कि वे कठोर फैसला लेने के मूड में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव जितेश शर्मा को मिडिल ऑर्डर में फिनिशर की भूमिका के लिए तरजीह दे रहे हैं। जितेश ने आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए कमाल का प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने 11 पारियों में 261 रन बनाए, इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 176.35 रहा। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 20 महीने पहले था, लेकिन हालिया फॉर्म ने उन्हें वापसी का मौका दिया है।
टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग 11 में शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा ओपनिंग करेंगे, तिलक वर्मा नंबर-3 पर, सूर्यकुमार यादव 4 पर, हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल के बाद जितेश नंबर-7 पर फिनिशिंग करेंगे। स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर जैसे गेंदबाज अहम होंगे। सैमसन को बेंच पर बिठाने का फैसला भले ही कठिन हो, लेकिन यह टीम की बैलेंसिंग के लिए जरूरी लगता है। एशिया कप में भारत का लक्ष्य रिकॉर्ड आठवां खिताब जीतना है और जितेश जैसे आक्रामक बल्लेबाज इसकी कुंजी बन सकते हैं। फैंस को उम्मीद है कि यह चयन सही साबित होगा।






