1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 22, 2026, 11:20:39 AM
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इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बल्लेबाजी के ट्रेंड में बड़ा बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। इस बार मिडिल ऑर्डर के बजाय ओपनिंग बल्लेबाजों ने पूरे टूर्नामेंट पर अपनी छाप छोड़ दी है। 21 अप्रैल तक खेले गए मुकाबलों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि रन बनाने की दौड़ में ओपनर्स सबसे आगे हैं और टीमों की जीत में उनकी भूमिका निर्णायक बन चुकी है।
ओपनर्स का शानदार प्रदर्शन
अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो टॉप 10 रन बनाने वाले बल्लेबाजों में से 6 खिलाड़ी ओपनर हैं। यह अपने आप में एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि पहले मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज भी इस रेस में बराबरी से नजर आते थे। लेकिन इस बार शुभमन गिल, विराट कोहली, अभिषेक शर्मा, यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य जैसे ओपनर्स ने शानदार प्रदर्शन कर सभी को पीछे छोड़ दिया है।
खासतौर पर अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 7 मैचों में 323 रन बना डाले हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी 200 से ऊपर है, जो यह दर्शाता है कि वे सिर्फ रन ही नहीं बना रहे, बल्कि तेज गति से मैच का रुख बदल रहे हैं। दिल्ली के खिलाफ उनकी 135 रन की विस्फोटक पारी ने उन्हें इस सीजन का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बना दिया है।
लेफ्ट हैंड बल्लेबाजों का बढ़ता प्रभाव
इस सीजन में एक और खास बात देखने को मिली है और वह है लेफ्ट हैंड बल्लेबाजों का दबदबा। टॉप ओपनर्स में चार बल्लेबाज ऐसे हैं जो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। इनमें अभिषेक शर्मा, यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य शामिल हैं।
लेफ्ट हैंड बल्लेबाजों के कारण गेंदबाजों को अपनी लाइन और लेंथ में लगातार बदलाव करना पड़ रहा है, जिससे वे दबाव में आ जाते हैं और बल्लेबाज इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं। यही कारण है कि इस सीजन में लेफ्ट हैंड बल्लेबाज गेंदबाजों पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं।
बदली हुई रणनीति और पावरप्ले का खेल
टीमों की रणनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले टीमें शुरुआती ओवरों में संभलकर खेलती थीं और बाद में तेजी लाती थीं, लेकिन अब पावरप्ले के दौरान ही आक्रामक बल्लेबाजी की जा रही है।
अब ओपनर्स शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचक रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि पहले 6 ओवरों में ही टीम मजबूत स्थिति में पहुंच जाती है और विपक्षी टीम पर दबाव बन जाता है। यही कारण है कि ओपनर्स बड़े स्कोर बना रहे हैं और मैच की दिशा शुरुआती ओवरों में ही तय हो जा रही है।
मिडिल ऑर्डर की फीकी भूमिका
वहीं अगर मिडिल ऑर्डर की बात करें तो इस बार उनका योगदान अपेक्षाकृत कम नजर आया है। हालांकि हेनरिक क्लासेन और रियान पराग जैसे बल्लेबाजों ने अच्छे रन बनाए हैं, लेकिन वे ओपनर्स के मुकाबले उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं।
इसका मुख्य कारण यही है कि जब तक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी करने आता है, तब तक ओपनर्स टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके होते हैं। ऐसे में मिडिल ऑर्डर पर ज्यादा दबाव नहीं होता, लेकिन उन्हें मैच जिताने का मौका भी कम मिल रहा है।
लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन का फायदा
इस सीजन में लेफ्ट और राइट हैंड बल्लेबाजों का कॉम्बिनेशन भी टीमों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। इससे गेंदबाजों के लिए सही लाइन पकड़ना मुश्किल हो जाता है और फील्डिंग सेट करने में भी परेशानी होती है।
इसी वजह से टीमें अब ऐसे बल्लेबाजों को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं जो शुरुआत में ही आक्रामक खेल दिखा सकें और विपक्षी टीम को शुरुआत से ही बैकफुट पर धकेल दें।