1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 13, 2026, 1:11:08 PM
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IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स इस बार अपने ही खेल में उलझती नजर आ रही है। शाहरुख खान की टीम, जो कभी अपने संतुलित खेल और दमदार प्रदर्शन के लिए जानी जाती थी, इस सीजन में अब तक जीत का स्वाद नहीं चख पाई है। चार मुकाबलों में तीन हार और एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ने के कारण टीम के खाते में महज एक अंक आया है, जिससे अंक तालिका में उसकी स्थिति लगातार गिरती जा रही है।
सीजन की शुरुआत से पहले टीम को मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन मैदान पर कहानी बिल्कुल अलग दिखी। नए कोच अभिषेक नायर और कप्तान अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में टीम का तालमेल अब तक बनता नहीं दिखा। रणनीति और टीम चयन दोनों ही सवालों के घेरे में हैं।
इस सीजन में केकेआर ने बड़ा दांव खेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पर 25.20 करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं उपकप्तान रिंकू सिंह को 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया। यानी सिर्फ दो खिलाड़ियों पर करीब 38 करोड़ रुपये का निवेश, लेकिन मैदान पर यह निवेश अब तक बेअसर साबित हुआ है। कैमरन ग्रीन बल्ले और गेंद दोनों से उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, जबकि रिंकू सिंह, जो पिछले सीजन में मैच फिनिशर की भूमिका में छाए रहे थे, इस बार संघर्ष करते नजर आए।
बल्लेबाजी में टीम पूरी तरह शीर्ष क्रम पर निर्भर दिख रही है। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कुछ अहम पारियां खेली हैं और युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने भी अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई है। फिन एलन ने शुरुआत में तेजी जरूर दी, लेकिन मिडिल ऑर्डर का लगातार फेल होना टीम के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। जब भी टीम को मजबूत फिनिश की जरूरत पड़ी, बल्लेबाज दबाव में बिखरते नजर आए।
गेंदबाजी की बात करें तो यही वह विभाग है जिसने टीम को सबसे ज्यादा निराश किया है। वरुण चक्रवर्ती जैसे मिस्ट्री स्पिनर का चोटिल होकर बाहर होना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। उनके बिना स्पिन अटैक की धार कमजोर पड़ गई। वहीं अनुभवी सुनील नरेन भी इस सीजन में अपनी पुरानी लय में नजर नहीं आए। तेज गेंदबाजों में वैभव अरोड़ा और कार्तिक त्यागी भी प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं।
डेथ ओवर्स में रन रोकना टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कई मैचों में केकेआर ने अच्छी शुरुआत के बावजूद आखिरी ओवरों में मैच गंवा दिया। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुकाबला इसका ताजा उदाहरण है, जहां जीत लगभग तय थी, लेकिन आखिरी गेंद पर हार ने टीम की कमजोरियों को उजागर कर दिया।
चोटिल खिलाड़ियों की लंबी सूची ने भी टीम का संतुलन बिगाड़ दिया है। आकाश दीप और हर्षित राणा जैसे अहम गेंदबाज पूरे सीजन से बाहर हैं, जिससे विकल्प सीमित हो गए हैं। टीम प्रबंधन को बार-बार संयोजन बदलना पड़ रहा है, जिससे स्थिरता नहीं बन पा रही।
आईपीएल जैसे बड़े मंच पर आत्मविश्वास बेहद अहम होता है, लेकिन लगातार हार ने खिलाड़ियों के मनोबल पर असर डाला है। मैदान पर खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज भी दबाव में नजर आ रही है।