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Ring Road Project : पटना रिंग रोड बनेगी गेमचेंजर, वैशाली-सारण-समस्तीपुर समेत 5 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा, दिल्ली जैसा सिस्टम तैयार

पटना में 150 KM लंबी रिंग रोड बन रही है, जिस पर 15 हजार करोड़ खर्च होंगे। यह प्रोजेक्ट जाम खत्म करेगा और बिहार के कई जिलों को सीधा लाभ देगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 13, 2026, 1:57:08 PM

Ring Road Project : पटना रिंग रोड बनेगी गेमचेंजर, वैशाली-सारण-समस्तीपुर समेत 5 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा, दिल्ली जैसा सिस्टम तैयार

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Ring Road Project : बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी पटना में लगभग 150 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रारंभिक तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। यह रिंग रोड न सिर्फ पटना बल्कि आसपास के कई जिलों के लिए भी विकास का नया रास्ता खोलेगी।


दिल्ली की तर्ज पर विकसित होगा पटना

पटना में बन रही यह रिंग रोड परियोजना दिल्ली की तर्ज पर विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य राजधानी क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और आवागमन को अधिक सुगम बनाना है। लंबे समय से पटना में जाम की समस्या एक बड़ी चुनौती रही है, जिससे रोजाना लाखों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस रिंग रोड के बनने के बाद शहर के भीतर ट्रैफिक का बोझ काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।


5 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस रिंग रोड का फायदा केवल पटना शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे आसपास के करीब 5 जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इनमें वैशाली, सारण, समस्तीपुर सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन जिलों से राजधानी की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा समय में भी भारी कमी आएगी। लोगों को अब लंबी दूरी तय करने के लिए शहर के अंदरूनी भीड़भाड़ वाले रास्तों से नहीं गुजरना पड़ेगा।


भारतमाला और प्रधानमंत्री पैकेज का हिस्सा

पटना रिंग रोड परियोजना प्रधानमंत्री पैकेज और भारतमाला परियोजना का हिस्सा है। यह परियोजना केंद्र सरकार की उन योजनाओं में शामिल है, जिनका उद्देश्य देशभर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को बेहतर बनाना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पटना और इसके आसपास के क्षेत्रों का शहरी एवं आर्थिक परिदृश्य पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।


पहले चरण में कई काम पूरे

इस परियोजना के तहत अब तक कुछ महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। 39.16 किलोमीटर लंबाई वाले कन्हौली-रामनगर खंड का निर्माण लगभग 984 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है। यह खंड रिंग रोड परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो भविष्य के ट्रैफिक प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा।


गंगा नदी के दोनों ओर निर्माण कार्य जारी

रिंग रोड का निर्माण गंगा नदी के उत्तर और दक्षिण दोनों ओर किया जा रहा है। गंगा के उत्तर हिस्से में 37.35 किलोमीटर लंबे दिघवारा से बिदुपुर एलाइनमेंट के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। वहीं, दक्षिण हिस्से में ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर पर काम तेजी से जारी है। इन दोनों कॉरिडोर के पूरा होने के बाद पटना के आसपास एक मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार हो जाएगा।


1350 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र होगा शामिल

यह रिंग रोड राजधानी के चारों ओर एक विशाल सड़क घेरे का निर्माण करेगी, जिसके दायरे में लगभग 1350 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आएगा। इससे न केवल शहर के भीतर यातायात सुगम होगा, बल्कि बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों को भी बड़ी राहत मिलेगी।


आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिंग रोड परियोजना से बिहार की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण व्यापार, उद्योग और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।


कुल मिलाकर, पटना रिंग रोड परियोजना बिहार के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। यह न केवल ट्रैफिक की समस्या को हल करेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक और शहरी संरचना को भी एक नई दिशा देगी। आने वाले समय में यह परियोजना पटना को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।