ENG vs SA: इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच 12 सितंबर को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे टी20 मैच में साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों का ऐसा हाल हुआ है कि टी20 इतिहास में एक शर्मनाक रिकॉर्ड उनके नाम जुड़ गया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 304 रन ठोके, यह टी20 में उनका सबसे ऊंचा स्कोर है। जवाब में साउथ अफ्रीका 158 रन पर ऑलआउट हो गया और इंग्लैंड ने 146 रनों से करारी जीत हासिल कर सीरीज को 1-1 से बराबर किया। इस हार में साउथ अफ्रीका के तीन गेंदबाजों कगिसो रबाडा (0/70), लिजाद विलियम्स (0/62) और मार्को जान्सन (0/60) का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि टी20 क्रिकेट में पहली बार किसी टीम के तीन गेंदबाज एक मैच में 60 या उससे ज्यादा रन दे बैठे हैं।
मैच की शुरुआत ही साउथ अफ्रीका के लिए बुरे सपने जैसी रही। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट ने नाबाद 141 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 69 गेंदों पर 17 चौके और 6 छक्के शामिल थे। कप्तान जोस बटलर ने 30 गेंदों पर 83 रन (7 चौके, 7 छक्के) बनाए और दोनों ने पहले विकेट के लिए 7.5 ओवर में 126 रन जोड़े। सॉल्ट ने सिर्फ 49 गेंदों पर शतक पूरा किया जो टी20 में इंग्लैंड का सबसे तेज शतक है। साउथ अफ्रीका के गेंदबाज चोट से लौटे हुए थे, ऐसे में रबाडा का पहला ओवर ही महंगा पड़ा। जान्सन का ओपनिंग ओवर 18 रन का रहा, विलियम्स को बटलर ने 22 रन पड़े और रबाडा ने अपने चार ओवर्स में 70 रन लुटाए, जिसमें तीन ओवर्स 20+ रन के थे। साउथ अफ्रीका ने पूरे मैच में 304 रन दिए, यह टी20आई में उनका सबसे ज्यादा रन लुटाने का रिकॉर्ड है।
यह प्रदर्शन टी20 के इतिहास में अनोखा है क्योंकि बल्लेबाजी का यह फॉर्मेट गेंदबाजों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। साउथ अफ्रीका के तीन गेंदबाजों का 60+ रन देना नया कीर्तिमान है और ये तीनों टी20आई में सबसे महंगे स्पेल्स की टॉप-6 लिस्ट में शामिल हो गए हैं। रबाडा के लिए तो यह व्यक्तिगत शर्मिंदगी थी, उन्होंने कोई विकेट न लेकर 70 रन दिए, यह साउथ अफ्रीका के लिए टी20आई में एक मैच में सबसे ज्यादा रन लुटाने का रिकॉर्ड है। पहले यह रिकॉर्ड काइल एबट के नाम था, जिन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 68 रन दिए थे। वैश्विक स्तर पर रबाडा का यह स्पेल टी20आई में संयुक्त रूप से पांचवां सबसे महंगा माना जा रहा है। विलियम्स और जान्सन भी चोट से रिकवर कर रहे थे, लेकिन इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें तहस-नहस कर दिया।
इंग्लैंड की जीत में उनकी गेंदबाजी ने भी अहम भूमिका निभाई है। सैम कुरेन ने 2/34 लेकर बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि लियाम डॉसन ने 2 विकेट लिए। जबकी जोफ्रा आर्चर ने चार कैच लपके। साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी भी ढीली रही, जहां डेवाल्ड ब्रेविस ने 45 रन बनाए, लेकिन बाकी कोई लंबी पारी नहीं खेल सका। यह हार साउथ अफ्रीका के लिए बड़ा सबक है। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मैच 15 सितंबर को होगा, जहां साउथ अफ्रीका को अपनी छवि सुधारनी होगी। इंग्लैंड के लिए यह जीत टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी का अच्छा संकेत है।






