Premanand Maharaj: अक्सर संत प्रेमानंद महाराज सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड में रहते हैं। लोग उन्हें सुनना भी खूब पसंद करते हैं क्योंकि वे जिवन का मार्गदर्शन बहुत ही आसान भाषा में करने है और मुश्किल से मुश्किल सवालों का समाधान आसान कर देते है। साथ ही प्रेमानंद महाराज सोशल मीडिया पर अपनी जिंदगी के कई किस्से भी अक्सर सुनाते रहते हैं।
एक बार प्रेमानंद महाराज ने अपने जिवन के किस्से सुनाते हुए एक अजीबोगरीब कहानी बताए। उन्होंने बताया कि कैसे एक चुड़ैल आधी रात के बाद उनके पीछे पड़ गई थी और कैसे उससे अपना पीछा छुड़ाया। प्रेमानंद महाराज ने अपनी जिंदगी का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि एक बार वे डर गए थे। बात तब की है जब वे रात को 2-3 बजे कमंडल लेकर शौच के लिए जा रहे थे। उन्होंने देखा कि एक नई नवेली दुल्हन सामने खड़ी है।
उस जगह पर जहां महिलाएं शौच के लिए जाती थीं, वहां पुरुष नहीं जाते थे। और जहां पुरुष जाते थे, वहां महिलाएं नहीं जाती थीं। प्रेमानंद महाराज ने बताया कि उनके मन में आया कि यह नई दुल्हन है। शायद इसे इस बारे में पता नहीं है। अगर वह यहां बैठना चाहती है, तो उन्होंने अपनी चाल बढ़ा दी। वे थोड़ा आगे बढ़े तो देखा कि वही दुल्हन आगे खड़ी है। उन्होंने सोचा कि वह इतनी जल्दी उन्हें पार करके आगे नहीं जा सकती। फिर उन्होंने खुद को समझाया कि वह नई बच्ची है, शायद दौड़कर आगे चली गई होगी। प्रेमानंद महाराज ने बताया, "हमारी तरफ देखी और घूंघट निकाली। मामला गड़बड़ है।
इसका मतलब है कि दुल्हन ने उनकी तरफ देखा और घूंघट निकाला, जिससे उन्हें लगा कि कुछ गड़बड़ है। प्रेमानंद महाराज अपनी जगह पर खड़े हो गए, तो वह दुल्हन भी खड़ी हो गई। तब उन्होंने सोचा कि शायद वह यहां शौच करना चाहती है। इसलिए वे वहां से आगे बढ़ गए। वह भी उनके साथ आगे बढ़ने लगी। ऐसे करते-करते गांव बहुत पीछे छूट गया। वह बार-बार आगे-पीछे हो रही थी।
फिर उन्होंने उस महिला से पूछा, "कौन हो तुम?" जवाब में, उसने (चुड़ैल) उनकी तरफ देखकर घूंघट निकाल लिया। तब प्रेमानंद महाराज को लगा कि मामला कुछ गड़बड़ है। उन्होंने कमंडल का पानी नीचे गिराया और भगवान का नाम जप करते हुए आगे निकल गए। फिर बाद में जब वे लौटकर आए, तो वहां पर कुछ भी नहीं था।
यह अनुभव दर्शाता है कि प्रेमानंद महाराज न केवल आध्यात्मिक ज्ञान के स्रोत हैं, बल्कि अपने जीवन की कहानियों के माध्यम से लोगों को भय और अंधविश्वास से ऊपर उठकर सच्चाई और भक्ति की ओर प्रेरित करते हैं। उनका यह किस्सा न केवल रहस्यपूर्ण है बल्कि यह भी सिखाता है कि आत्मिक शक्ति और विश्वास से किसी भी भयावह परिस्थिति का सामना किया जा सकता है।


