Religion: सनातन धर्म में भगवान राम के परम भक्त बजरंग बली की भक्ति बेहद शुभ मानी जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 अप्रैल 2025 को वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। इस दिन हनुमान जी की पूजा, सुंदरकांड का पाठ और मंत्र जप करने से साधक के सारे कष्ट दूर होते हैं। मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से करियर, कारोबार और जीवन में हर तरह की सफलता मिलती है।
हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय
पूजा और व्रत: सुबह स्नान के बाद हनुमान मंदिर में जाकर विधि-विधान से पूजा करें।
हनुमान चालीसा: हनुमान चालीसा का पाठ करें और बजरंग बली को लाल फूल, सिंदूर और बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
सुंदरकांड पाठ: सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते हैं।
नीचे दिए गए मंत्रों का जप करें, ये आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं।
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः
यह मंत्र हनुमान जी की कृपा पाने के लिए सबसे प्रभावी है।
ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहरणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा
शत्रुओं से रक्षा और रोगों से मुक्ति के लिए जपें।
ॐ ह्रां ह्रीं रां रामाय नमः
भगवान राम और हनुमान जी दोनों की कृपा के लिए।
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम तत्तुल्यं राम नाम वरानने
राम नाम का यह मंत्र मन को शांति देता है।
ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमितविक्रमाय प्रकट-पराक्रमाय महाबलाय सूर्यकोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा
बल, बुद्धि और साहस के लिए जपें।
ऋणमोचन अंगारक स्तोत्र
कर्ज से मुक्ति और धन-समृद्धि के लिए यह स्तोत्र जपें:
मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः। स्थिरासनो महाकायो सर्वकामफलप्रदः
अंगारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः। सृष्टेः कर्ता च हर्ता च सर्वदेशैश्च पूजितः
21 बार इस स्तोत्र का पाठ करें और हनुमान जी को लाल फूल, गुड़ और धूप अर्पित करें।
रामाष्टक का पाठ
राम भक्ति के साथ हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए रामाष्टक का पाठ करें:
सुग्रीवमित्रं परमं पवित्रं सीताकलत्रं नवमेघगात्रम्। कारुण्यपात्रं शतपत्रनेत्रं श्रीरामचन्द्रं सततं नमामि
यह पाठ भगवान राम और हनुमान जी की भक्ति को बढ़ाता है।
पूजा के खास टिप्स
सिंदूर और चमेली का तेल: हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं।
लाल वस्त्र: पूजा के समय लाल रंग के कपड़े पहनें।
गाय और बंदर को भोजन: गाय को रोटी और बंदरों को गुड़-चना खिलाएं।
सात्विक भोजन: मंगलवार को सात्विक भोजन करें और नमक से परहेज करें।
दक्षिण दिशा की सफाई: घर की दक्षिण दिशा को साफ रखें, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।




