ब्रेकिंग
जनगणना 2027: लिव-इन कपल भी माने जाएंगे शादीशुदा, बिना दस्तावेज के दर्ज होगी जानकारीबिहार में अपराधियों का तांडव: दिनदहाड़े बालू कारोबारी की गोली मारकर हत्या, बदमाशों ने ओवरटेक कर बरसाईं गोलियां‘बीजेपी के दबाव में नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा’, तेजस्वी यादव ने किसे बताया सबसे बड़ा ठग?‘चाचा जी किए गए बिहार से तड़ीपार.. BJP का ‘ऑपरेशन फिनिश नीतीश’ खत्म’, रोहिणी आचार्य का तीखा तंजबड़ा ऐलान: अगली कैबिनेट में डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक, कई मेडिकल कॉलेजों को PPP मोड पर लाने की तैयारी..पॉलिसी बनाने पर काम शुरू, बड़े डॉक्टरों से मांगा गया सहयोग जनगणना 2027: लिव-इन कपल भी माने जाएंगे शादीशुदा, बिना दस्तावेज के दर्ज होगी जानकारीबिहार में अपराधियों का तांडव: दिनदहाड़े बालू कारोबारी की गोली मारकर हत्या, बदमाशों ने ओवरटेक कर बरसाईं गोलियां‘बीजेपी के दबाव में नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा’, तेजस्वी यादव ने किसे बताया सबसे बड़ा ठग?‘चाचा जी किए गए बिहार से तड़ीपार.. BJP का ‘ऑपरेशन फिनिश नीतीश’ खत्म’, रोहिणी आचार्य का तीखा तंजबड़ा ऐलान: अगली कैबिनेट में डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक, कई मेडिकल कॉलेजों को PPP मोड पर लाने की तैयारी..पॉलिसी बनाने पर काम शुरू, बड़े डॉक्टरों से मांगा गया सहयोग

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024; जानें महत्व, पूजा विधि और दान के उपाय

मार्गशीर्ष पूर्णिमा, भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र पर्व है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस तिथि पर गंगा स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से पापों का नाश और जीवन में सकारात्मक ब

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024; जानें महत्व, पूजा विधि और दान के उपाय
User1
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

मार्गशीर्ष पूर्णिमा, भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र पर्व है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस तिथि पर गंगा स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से पापों का नाश और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। विशेष रूप से चंद्र दोष को समाप्त करने और आर्थिक एवं मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए इस दिन सफेद चीजों का दान करना शुभ होता है।


मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2024 की तिथि और समय

तिथि आरंभ: 14 दिसंबर 2024, दोपहर 04:58 बजे।

तिथि समाप्त: 15 दिसंबर 2024, दोपहर 02:31 बजे।

उत्सव का दिन: 15 दिसंबर 2024।


मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर दान करने योग्य वस्तुएं और उनके लाभ

चावल:

महत्व: चावल का दान रुके हुए कार्यों को पूरा करने में सहायक होता है।

कैसे करें:

मंदिर में चावल दान करें।

चावल की खीर बनाकर गरीबों में बांटें।


दूध:

महत्व: दूध का दान घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मकता लाता है।

कैसे करें:

पूजा के बाद किसी गरीब या ब्राह्मण को दूध दान करें।


चांदी:

महत्व: चांदी का दान चंद्रमा को मजबूत करता है, जिससे मानसिक तनाव और आर्थिक समस्याएं समाप्त होती हैं।

कैसे करें:

चांदी के बर्तन या आभूषण दान करें।


सुहाग सामग्री:

महत्व: सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार सामग्री का दान करने से वैवाहिक जीवन सुखी होता है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

कैसे करें:

कुमकुम, चूड़ियां, सिंदूर, और बिंदी आदि दान करें।

पूजा-अर्चना के नियम


सुबह स्नान और पूजा:

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल स्नान के बाद भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें।

विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।

विष्णु जी के भोग में चावल से बनी खीर और दूध रखें।


गंगा स्नान:

अगर संभव हो तो गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यह स्नान पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।

दान का समय:

दान करते समय मन में भगवान विष्णु और चंद्रदेव का ध्यान करें। दान की गई वस्तु को दोनों हाथों से विनम्र भाव से अर्पित करें।


मार्गशीर्ष पूर्णिमा के फायदे

चंद्र दोष का निवारण:

सफेद वस्तुओं के दान से कुंडली में चंद्र ग्रह मजबूत होता है, जिससे मानसिक तनाव और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।

सकारात्मक ऊर्जा:

पूजा और दान से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

धन और समृद्धि:

मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

वैवाहिक जीवन में शांति:

सुहाग सामग्री का दान वैवाहिक संबंधों को सुदृढ़ करता है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का पालन श्रद्धा और नियमों के साथ करें। यह आपके जीवन में शुभता, समृद्धि और शांति लेकर आएगा।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

User1

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें