Holi 2025: वैदिक पंचांग के अनुसार, 14 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं। रंगों का यह त्योहार दुनिया भर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हालांकि, इस बार होली के दिन चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा, जिससे कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
चंद्र ग्रहण का समय और प्रभाव
ग्रहण प्रारंभ: 14 मार्च, सुबह 09:29 AM
ग्रहण समाप्त: 14 मार्च, दोपहर 03:29 PM
भारत में दृश्यता: नहीं (सूतक मान्य नहीं होगा)
चंद्र ग्रहण के दौरान राहु का प्रभाव अधिक रहता है, जिससे शुभ कार्य करने की मनाही होती है। इस अवधि में खानपान में परहेज करें और भगवान विष्णु की उपासना करें।
राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव
सिंह राशि:
ग्रहण के दिन चंद्रमा सिंह राशि में दोपहर 12 बजे तक रहेगा।
राहु की उपस्थिति के कारण मानसिक तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव हो सकता है।
शुभ कार्यों से बचें और बड़ों का सम्मान करें।
कन्या राशि:
दोपहर 12:56 बजे चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेगा।
इस दौरान निवेश और बड़े आर्थिक निर्णय न लें।
वाणी पर संयम रखें और किसी भी विवाद से बचें।
भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।
तुला राशि:
ग्रहण के दौरान लंबी यात्राओं और जोखिम भरे कार्यों से बचें।
घर पर रहकर बड़ों की सेवा करें और शुभ कार्यों को टालें।
शेयर बाजार में निवेश से बचें।
ग्रहण समाप्त होने के बाद शिव पूजा करें और अनाज का दान करें।
वृश्चिक राशि:
किसी भी प्रकार के विवाद और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
तामसिक भोजन न करें और वाहन धीरे चलाएं।
मानसिक तनाव और वाद-विवाद से बचें।
भगवान विष्णु का ध्यान करें और दान-पुण्य करें।
फाल्गुन माह का यह होली पर्व विशेष संयोग लेकर आ रहा है, जिसमें चंद्र ग्रहण का प्रभाव भी रहेगा। इसलिए, कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। शुभ कार्यों को ग्रहण के बाद करें और भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना करें।



