Dussehra 2025: हिंदू धर्म में दशहरा या विजयादशमी का पर्व अत्यंत शुभ और पवित्र माना गया है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। हर वर्ष यह पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल दशहरा 2 अक्टूबर को मनाया जा रहा है।
इस दिन रावण दहन, शस्त्र पूजन, घरों में पूजा-पाठ के साथ-साथ दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि दशहरे पर किए गए कुछ विशेष दान से अक्षय फल की प्राप्ति होती है, यानी ऐसा पुण्य जो कभी समाप्त नहीं होता। हिंदू धर्म में गुप्त रूप से किया गया दान सर्वोत्तम माना गया है। मान्यता है कि दशहरे के दिन किसी गरीब या ज़रूरतमंद को अनाज और वस्त्र का गुप्त दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी का घर में स्थायी वास होता है।
ज्योतिष शास्त्र में पीला रंग सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है। मान्यता है कि दशहरे के दिन पीले रंग की मिठाई का दान करने से कामकाज में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और अटके हुए कार्य पूरे होते हैं। वहीं दशहरे के दिन सुहागिन महिलाओं को बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, काजल और साड़ी आदि का दान करना शुभ माना जाता है। इससे मां लक्ष्मी और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इस दिन किसी धार्मिक स्थल या ज़रूरतमंद व्यक्ति को झाड़ू का दान करने से वास्तु दोष दूर होता है और आर्थिक स्थिरता आती है। दशहरे पर दीपक जलाने के लिए तिल या सरसों के तेल का प्रयोग शुभ होता है। मान्यता है कि इस दिन इन तेलों का दान करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और जनश्रुतियों पर आधारित हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या धर्मगुरु की सलाह अवश्य लें।


