Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्र का पर्व भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। यह नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की आराधना के लिए समर्पित होते हैं। इस दौरान भक्त विधिपूर्वक उपवास रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2025 Upay) में व्रत और उपासना करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
वास्तु दोष निवारण के लिए उपाय
चैत्र नवरात्र के दौरान कई तरह के उपाय किए जाते हैं, जिनमें वास्तु दोष निवारण उपाय भी प्रमुख हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में वास्तु दोष होने पर व्यक्ति को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं, नवरात्रि के दौरान इन दोषों को दूर करने के सरल उपाय—
मां दुर्गा की प्रतिमा
घर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें। ध्यान रखें कि प्रतिमा खंडित न हो।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा की प्रतिमा को ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में रखना शुभ होता है।
इस उपाय से घर में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और वास्तु दोष दूर होते हैं।
अखंड ज्योत जलाना
नवरात्र के दौरान अखंड ज्योत जलाने का विशेष महत्व है।
इसे घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है।
घी का दीपक जलाना
देवी-देवताओं की आरती करने के लिए तेल या घी का दीपक जलाया जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, नवरात्र में घी का दीपक दाहिने हाथ की ओर रखें।
इससे घर में मां दुर्गा का वास होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
चैत्र नवरात्र 2025: शुभ तिथि और पूजा मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 29 मार्च 2025, शाम 04:27 बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 30 मार्च 2025, दोपहर 12:49 बजे
नवरात्रि प्रारंभ: 30 मार्च 2025
नवरात्रि समापन: 07 अप्रैल 2025



